श्रीनगर, 11 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का समर्थन करते हुए रविवार को कहा कि जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाये जाने के आरोपों के कारण उन्हें इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के प्रमुख आठवले ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मतदाताओं के नाम हटाये जाने के 13 करोड़ मामलों में से छह करोड़ मामले विभिन्न कारणों से लोगों के निवास स्थान बदलने के कारण हुए। वोट चोरी के आरोपों को लेकर ज्ञानेश कुमार जी को इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं है।’’
आरपीआई, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का एक घटक दल है।
शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए आठवले ने कहा कि हिंसा में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को जेल जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शन करना लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने चाहिए। हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को जेल जाना पड़ेगा।’’
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर आठवले ने कहा कि यही बात कांग्रेस नेता के बारे में भी कही जा सकती है।
उन्होंने कहा, “हम कह सकते हैं कि कांग्रेस के नेता फर्जी मतों के कारण चुनाव जीते हैं। इस तरह से काम नहीं चल सकता।’’
जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किये जाने के बारे में पूछे जाने पर आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस संबंध में प्रतिबद्धता जता चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी और अमित शाह जी ने उचित समय पर राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया है। यह कब होगा, केवल वे ही जानते हैं। जब मैं दिल्ली लौटूंगा, तो इस मुद्दे पर जम्मू कश्मीर के लोगों की भावनाओं से उन्हें अवगत कराऊंगा।’’
भाषा देवेंद्र रंजन
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