चंडीगढ़, चार फरवरी (भाषा) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि निर्णय लेने के लिए उसके समक्ष मुख्य मुद्दा यह है कि क्या कोई राज्य निवास (डोमिसाइल) के आधार पर रोजगार देने की सीमा तय कर सकता है, भले ही वह निजी क्षेत्र में क्यों न हो।
अदालत ने हरियाणा के उस कानून पर रोक लगा दी थी, जिसके अनुसार राज्य के निवासियों को निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था।
न्यायमूर्ति अजय तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज जैन की पीठ ने कहा, “हमारे समक्ष मुख्य मुद्दा यह है कि क्या कोई राज्य डोमिसाइल के आधार पर नौकरी देने की सीमा तय कर सकता है।”
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