कोकराझार, 21 दिसंबर (भाषा) असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने कहा कि बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) समझौते ने क्षेत्र में पूर्ण शांति की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया है। बीडीआर समझौते पर तीन साल पहले हस्ताक्षर किए गए थे।
मुखी ने मंगलवार को वर्तमान बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के दो साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक समारोह में कहा कि बीटीआर समझौते पर हस्ताक्षर एक ऐतिहासिक घटना थी, जिसने क्षेत्र में मूर्त शांति और विकास को एक वास्तविकता बना दिया।
मुखी ने समझौते को हकीकत बनाने में दिए गए अमूल्य योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा का आभार जताया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकार के समर्थन एवं मार्गदर्शन से बीटीआर प्रशासन बीटीआर समझौते के प्रावधानों को लागू करने की दिशा में अधिक समर्पण के साथ काम करेगा।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बीटीसी का मूल दृष्टिकोण इस क्षेत्र में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और सांप्रदायिक सद्भाव को फिर से कायम करना और बढ़ावा देना रहा है।
उन्होंने कहा कि कई वर्षों के लंबे संघर्ष और अशांति के बाद बीटीआर में पूर्ण शांति कायम हुई है।
मुखी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने बड़े पैमाने पर लोगों की विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सकारात्मकता और आशावाद का माहौल भविष्य में शांति और विकास को गति देने में मदद करेगा।
भाषा पारुल नरेश
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