नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों की खरीद में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पिछली सरकार के 55 रुपये प्रति पुस्तक के मुकाबले 28 रुपये प्रति पुस्तक की दर से किताबें खरीदीं। उन्होंने सवाल किया कि दोनों दरों के बीच का अंतर किसकी जेब में गया।
सूद ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस साल छपी किताबों का आकार छोटा होने के आरोपों की जांच के लिए दोनों संस्करणों की माप फीते से करें।
उनकी यह टिप्पणी आप की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज द्वारा एक दिन पहले भाजपा सरकार की स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों की छपाई और निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाए जाने के बाद आई है। भारद्वाज ने इस मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
सूद ने इन आरोपों का जवाब देते हुए निविदा दस्तावेज की एक प्रति दिखाई और कहा कि सरकार ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है।
उन्होंने आप सरकार के दौरान शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा जारी एक आदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें किताबों की खरीद 55 रुपये प्रति पुस्तक की दर से होने के बावजूद उनकी गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई गई थी।
मंत्री ने विपक्ष पर बिना सबूत आरोप लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि जब एक पत्रकार ने भारद्वाज से किताब की कीमत बताने को कहा, तो उन्होंने कीमत क्यों नहीं बताई। सूद ने इस सौदे में 40 प्रतिशत कमीशन दिए जाने का आरोप भी लगाया।
सूद ने आरोप लगाया कि ये आरोप शिक्षा विभाग के कामकाज में बाधा डालने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार की पहलों पर चर्चा करने के बजाय राजनीति कर रहा है।
भाषा संतोष सुरेश
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