नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ‘पसमांदा’ मुसलमानों तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों में तेजी ला रही है। उसे उम्मीद है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए शिक्षाविद तारिक मंसूर को नामित किए जाने से उसे पसमांदा मुसलमानों के साथ ही मुस्लिम पेशेवरों से जुड़ने में मदद मिल सकती है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में काम कर चुके मंसूर ‘पसमांदा’ मुस्लमान समुदाय से आते हैं। मुसलमानों के बीच पिछड़े वर्गों को पसमांदा कहा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी मंचों और सरकारी कार्यक्रमों में अक्सर ‘पसमांदा’ मुसलमानों का उल्लेख करते हैं और अक्सर कहते हैं कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के वंचितों के लिए काम किया है। ऐसे में भाजपा का मानना है कि वह 2024 के लोकसभा चुनावों में वंचितों के बीच पैठ बनाने की स्थिति में है।
भाजपा का अल्पसंख्यक मोर्चा देश की 80 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाले ‘पसमांदाओं’ से जुड़ने के लिए कार्यक्रम आयोजित कर रहा है और उसके नेताओं का मानना है कि विकास के विषय पर केंद्रित एक धारणा बनाए जाने से उसे इसका लाभ मिल सकता है।
मोर्चे के नेता ने कहा कि लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही मोर्चे की पहुंच तेज होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मोर्चे ने बड़ी संख्या में मुसलमानों की बहुलता वाली कई सीटों की पहचान भी की है।
सूत्रों ने कहा कि अशराफ मुसलमानों ने दशकों से तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों द्वारा अपनाई गई पहचान की राजनीति का लाभ हासिल किया है, जबकि पसमांदा पीछे रह गए।
मुसलमानों के एक कुलीन वर्ग को अशराफ मुसलमान कहा जाता है। सूत्रों ने कहा कि भाजपा अब विकास पर जोर देकर पसमांदा समुदाय को जोड़ने के लिए सुधारात्मक कदम उठाएगी।
भाजपा नेताओं को लगता है कि हाल ही में घोषित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान (विकास) योजना से भी उसे इस दिशा में लाभ मिल सकता है क्योंकि यह कारीगरों के कौशल विकास और संवर्धन से जुड़ा कार्यक्रम है। भाजपा नेताओं के मुताबिक बड़ी संख्या में ऐसे कारीगर ‘पसमांदा’ श्रेणी के भी हैं।
बजट के बाद अपने एक वेबिनार में मोदी ने पसमांदा मुसलमानों के बीच पिछड़ेपन को रेखांकित किया था और अपनी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ समाज के सबसे वंचित वर्गों तक पहुंचने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया था।
इससे पहले भाजपा की एक बैठक में प्रधानमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को पार्टी के विकास के एजेंडे के साथ मुसलमानों के बीच पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया था।
उत्तर प्रदेश सरकार में एकमात्र मुस्लिम मंत्री दानिश अंसारी भी पसमांदा हैं।
सत्तारूढ़ पार्टी ने हाल ही में ईसाइयों से जुड़ने के अपने प्रयासों को भी तेज कर दिया है, क्योंकि मोदी ने ईस्टर के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी के एक चर्च का दौरा किया था।
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