भुवनेश्वर, 17 मार्च (भाषा) ओडिशा में राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में कथित ‘क्रॉस-वोटिंग’ के एक दिन बाद मंगलवार को विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने अपने छह विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। पार्टी ने उनके कृत्य को ‘‘विश्वासघात’’ करार दिया है।
बीजद की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने चक्रमणि कन्हार (बालीगुडा), नबा किशोर मलिक (जयदेव), सौविक विश्वाल (चौद्वार-कटक), सुबासिनी जेना (बस्ता), रमाकांत भोई (तिरतोल) और देवी रंजन त्रिपाठी (बांकी) को पत्र लिखकर 20 मार्च को शाम पांच बजे तक जवाब देने को कहा है।
पत्र में मलिक ने कहा कि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर यह मान लिया जाएगा कि उनके पास कोई स्पष्टीकरण नहीं है और पार्टी कानून तथा बीजद के संविधान एवं नियमों के अनुसार एकतरफा कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी।
राज्य में सोमवार को राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव हुआ। भाजपा ने दो सीट जीतीं, बीजद को एक सीट मिली और एक सीट पर दिलीप राय विजयी रहे।
इस बीच, तिरतोल से बीजद विधायक रमाकांत भोई ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में दावा किया कि मतदान से एक रात पहले उन्हें उनके आवास से जबरन लाकर नवीन निवास में रखा गया।
भोई ने कहा, ‘‘मेरे बार-बार कहने के बावजूद मुझे रात में भी नवीन निवास परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। मैंने उनसे (पार्टी नेताओं से) पूछा कि उन्हें मेरा वोट चाहिए या मुझे वहीं रोकना है। मैंने साफ कह दिया था कि अगर मुझे जाने नहीं दिया गया, तो मैं उन्हें वोट नहीं दूंगा।’’
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खारी नेत्रपाल
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