भुवनेश्वर, 17 अप्रैल (भाषा) बीजू पटनायक के समर्थकों ने शुक्रवार को ‘ओडिशा नागरिक मंच’ (ओएनएम) का गठन किया, जिसे दिवंगत नेता की विचारधारा और विरासत का वाहक बताया जा रहा है।
बीजू पटनायक के राजनीतिक व सामाजिक जीवन के दौरान उनसे करीबी रूप से जुड़े रहे कई नेता उनकी 29वीं पुण्यतिथि पर एक मंच पर जुटे और खुद को इस दिग्गज नेता की असली विरासत का प्रतिनिधि बताया।
पटनायक 1961 से 1963 और 1990 से 1995 तक ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे थे।
‘ओएनएम’ के प्रमुख नेताओं में शामिल राज्यसभा सदस्य दिलीप रे और पूर्व मंत्री विजय महापात्रा, 1997 में बीजू पटनायक के निधन के बाद उनके नाम पर बने बीजू जनता दल के संस्थापक सदस्यों में भी रहे हैं।
महापात्रा ने कहा, “बीजू पटनायक केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं थे। हम ही असली ‘बीजू परिवार’ हैं।”
ओएनएम के इस सम्मेलन में पूर्व ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निरंजन पटनायक, उनके भाई और बीजद से निष्कासित सौम्य रंजन पटनायक, भाजपा नेता समीर मोहंती तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में दो विधायक अरविंद महापात्रा और रमाकांत भोई भी मौजूद रहे, जिन्हें 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे के पक्ष में ‘क्रॉस वोटिंग’ करने के आरोप में बीजद से निलंबित किया गया था। पूर्व सांसद प्रसन्ना पटनायक और ब्रज किशोर त्रिपाठी ने भी सम्मेलन में भाग लिया।
अपने संबोधन में दिलीप रे ने कहा, “यह हम सभी के लिए भावुक क्षण है। ऐसा लग रहा है मानो परिवार का पुनर्मिलन हो, क्योंकि ओडिशा के सभी 30 जिलों से बीजू पटनायक के समर्थक यहां इकट्ठा हुए हैं।”
बीजू पटनायक सरकार (1990-95) में वरिष्ठ मंत्री रहे विजय महापात्रा ने कहा कि यह पहली बार है जब दिवंगत नेता के निधन के बाद उनके समर्थकों को ओएनएम सम्मेलन में सम्मानित किया जा रहा है।
भाषा खारी नेत्रपाल
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