कोलकाता, 23 मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित तौर पर सोना पप्पू द्वारा भूमि हड़पने और धोखाधड़ी करने से जुड़े मामले में गिरफ्तार किये जाने के बाद कोलकाता पुलिस के पूर्व उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के मुर्शिदाबाद स्थित आलीशान बंगले को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
ईडी के अधिकारियों ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद के कंडी कस्बे में स्थित सिन्हा की पैतृक संपत्ति पर चाबियां कई घंटों तक नहीं मिलने के बाद ताला तोड़कर छापेमारी की थी।
कोलकाता में भी एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जिनमें एक उपनिरीक्षक के घर और चक्रबेरिया में व्यवसायी अतुल कटारिया का घर शामिल है।
जांचकर्ताओं ने छापेमारी के दौरान दो किलो से अधिक सोना बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये है।
एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा भारी मात्रा में नकदी और संपत्ति से संबंधित कई दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
एजेंसी इस मामले से जुड़े अवैध भूमि अधिग्रहण, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों की जांच कर रही है।
एजेंसी ने बताया कि जांच के दौरान बिस्वास के आरोपी सोना पप्पू से कथित संबंध भी सामने आए हैं।
ईडी के अधिकारी ने बताया कि नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड 8 स्थित कंडी में पूर्व अधिकारी का पैतृक घर कुछ साल पहले तक जर्जर हालत में था, जिसे थोड़े ही समय में भव्य रूप से पुनर्निर्मित किया गया था।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि सोना पप्पू द्वारा कथित तौर पर दी गई बड़ी रकम का इस्तेमाल घर के रखरखाव और नवीनीकरण के लिए किया गया था।
कंडी प्रखंड के भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी ने बताया कि बिस्वास के नाम पर लगभग 50 डेसिमल जमीन पंजीकृत है। एक डेसिमल करीब 435.6 वर्ग फुट के बराबर होता है।
बिस्वास ने पत्रकारों से कहा, “हमने जांच एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी संबंधित भूमि दस्तावेज सौंप दिए हैं।”
ईडी अधिकारी ने बताया कि उन्होंने पूर्व अधिकारी से कथित तौर पर जुड़ी कई अन्य संपत्तियों का भी पता लगाया है।
भाषा जितेंद्र संतोष
संतोष
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