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Wednesday, 8 July, 2026
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वकीलों की स्वायत्तता पर न्यायालय के फैसले का बीसीआई ने किया स्वागत

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नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) बार काउंसिल आफ इंडिया (बीसीआई) ने उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का बुधवार को स्वागत किया, जिसमें कानूनी पेशे की स्वतंत्रता और स्व-नियामक स्वरूप को बरकरार रखा गया है। बीसीआई ने कहा कि वह शीर्ष अदालत के निर्देशों को लागू करने के लिए अगले सप्ताह समितियों का गठन करेगी।

सात जुलाई को न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने कहा था कि बैंक और इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) केवल पेशेवर लापरवाही के आरोपों के आधार पर वकीलों को ‘‘सतर्कता सूची’’ में शामिल नहीं कर सकते।

बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह ‘‘ऐतिहासिक फैसला’’ केवल कानूनी पेशे के अधिकारों और स्वतंत्रता की घोषणा नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी, सुधार और सामूहिक कार्रवाई का आह्वान भी है।

विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘बीसीआई यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को केवल औपचारिक रूप से नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक भावना और उद्देश्य के अनुरूप लागू किया जाए। बीसीआई ने प्रस्तावित राष्ट्रीय अधिवक्ता अकादमी की स्थापना और संचालन के लिए उपयुक्त भूमि, भवन और संबंधित बुनियादी ढांचे की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।’’

बीसीआई ने शीर्ष अदालत की उस टिप्पणी का स्वागत किया जिसमें कहा गया कि अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण, दक्षता, लापरवाही और कदाचार से जुड़े मामले अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत गठित वैधानिक निकायों के विशेष अनुशासनात्मक अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

बीसीआई ने कहा कि वह शीर्ष अदालत के निर्देशों के अनुरूप अपने और राज्य बार परिषदों द्वारा संचालित अनुशासनात्मक तंत्र का व्यापक प्रदर्शन ऑडिट करेगा।

बीसीआई ने कानूनी शिक्षा को लगातार जारी रखने को संस्थागत रूप देने पर शीर्ष अदालत के जोर और वकीलों के लिए पूर्णकालिक राष्ट्रीय विधि अकादमी स्थापित करने के सुझाव का भी स्वागत किया।

बीसीआई ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने सही रूप से रेखांकित किया है कि न्यायिक लंबित मामलों को कम करना बार और पीठ (न्यायपालिका) की साझा जिम्मेदारी है, जिसके लिए सहयोग, पेशेवर तैयारी और अनावश्यक स्थगनों से बचना जरूरी है।

परिषद ने कहा कि वह अगले सप्ताह बैठक बुलाकर फैसले को लागू करने और प्रस्तावित सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक समितियों और विशेषज्ञ समूहों का गठन करेगी।

भाषा अमित माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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