नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल) को भारत का 100वां रामसर स्थल घोषित किए जाने पर खुशी जताई. इसे देश में आर्द्रभूमि (वेटलैंड) संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “रामसर स्थलों के मामले में अब भारत का शतक पूरा हो गया है. खुशी है कि उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार (सुरहा ताल) को भारत का 100वां रामसर स्थल घोषित किया गया है. यह आर्द्रभूमि पक्षियों की समृद्ध जैव विविधता के लिए जानी जाती है और यहां बड़ी संख्या में प्रवासी तथा स्थानीय पक्षी आते हैं.”
A century as far as Ramsar sites are concerned!
Glad that the Jai Prakash Narayan Bird Sanctuary (Surha Tal) in Ballia, Uttar Pradesh has been designated as India’s 100th Ramsar site. This wetland is rich in avifaunal biodiversity, attracting several migratory and resident… pic.twitter.com/HENtPJoRnt
— Narendra Modi (@narendramodi) June 5, 2026
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्राकृतिक पर्यावरण और विशेष रूप से आर्द्रभूमियों के संरक्षण के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में आर्द्रभूमियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए सामुदायिक भागीदारी, विज्ञान, नवाचार और जन-जागरूकता से जुड़े प्रयासों को और मजबूत किया गया है.
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से जैव विविधता के संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है.
इस बीच, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
उन्होंने कहा, “विश्व पर्यावरण दिवस की सभी को शुभकामनाएं. मैं पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित सभी लोगों की सराहना करता हूं. यह दिन पर्यावरण की रक्षा और टिकाऊ विकास के लिए हमारे संकल्प को मजबूत करने का अवसर है.”
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि देश में हरित आवरण बढ़ा है और कई वन्य प्रजातियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है.
मोदी ने पर्यावरण सुधार के लिए लोगों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीव और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.