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जम्मू, 11 अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में बृहस्पतिवार को तड़के दो आतंकवादियों ने सेना के एक शिविर पर ‘फिदायीन’ हमला किया जिसमें तीन जवान मारे गए। चार घंटे तक चली गोलीबारी के बाद दोनों आतंकवादियों को मार दिया गया।
अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यहां से 185 किलोमीटर दूर पारगल स्थित सैन्य शिविर के बाहरी घेरे से अंदर आने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों ने देर रात करीब दो बजे पहली बार गोलीबारी की।
स्वतंत्रता दिवस के चार दिन पहले किया गया यह हमला करीब तीन साल के अंतराल के बाद केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में ‘फिदायीन’ (आत्मघाती हमलावरों) की वापसी का संकेत है।
आखिरी आत्मघाती हमला 14 फरवरी 2019 को दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के लेथपोरा में हुआ था जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए थे।
पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बृहस्पतिवार को हमला करने वाले दोनों ’फिदायीन’ संभवत: आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के थे। सिंह के अनुसार, दोनों ने शिविर में घुसने का प्रयास किया लेकिन मारे गए।
उन्होंने बताया कि हमले के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई जिसमें सेना के तीन जवान मारे गए। आखिरी बार गोलीबारी सुबह करीब छह बज कर दस मिनट पर हुई।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) मुकेश सिंह ने कहा, ‘‘कुछ लोगों (आतंकवादियों) ने पारगल में सेना के एक शिविर की बाड़ पार करने की कोशिश की। जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। भीषण गोलाबारी में दो आतंकवादी मारे गए।’’
मुठभेड़ में छह सैन्यकर्मी घायल हुए थे जिनमें से तीन की मौत हो गई।
एडीजीपी ने बताया कि दारहल थाने से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित सेना के इस शिविर में अतिरिक्त बल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि तलाशी व घेराबंदी अभियान जारी है।
भाषा निहारिका मनीषा मनीषा प्रशांत
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