श्रीकाकुलम, 11 अक्टूबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में पिछले सप्ताह रेलवे पटरी के पास मृत पाई गई असम की महिला की मौत की जांच कर रही पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शारीरिक और यौन हिंसा की पुष्टि नहीं हुई है।
हिमश्री बोरो का शव सात अक्टूबर को पेनुबार्थी गांव के पास विजयनगरम और श्रीकाकुलम रोड रेलवे स्टेशन के बीच पटरी के दाईं ओर मिला था। वह छह अक्टूबर को देरी से चल रही विवेक एक्सप्रेस में सवार हुई थीं।
श्रीकाकुलम के पुलिस अधीक्षक के.वी. महेश्वर रेड्डी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, शारीरिक हिंसा और यौन हिंसा की आशंका खारिज होती है। हम यह पता लगा पाए हैं कि वह ट्रेन के डिब्बे के दरवाजे पर खड़ी थीं। इसकी वजह यह थी कि वह आखिरी समय में ट्रेन में चढ़ी थीं।”
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जब बोरो ट्रेन में चढ़ीं, तब वह चलने लगी थी और डिब्बे में पहले से ही 100 से अधिक यात्री सवार थे।
उन्होंने कहा कि ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने के कारण बोरो डिब्बे के भीतर आगे नहीं जा सकीं और उन्हें प्रवेश द्वार के पास ही रहना पड़ा।
रेड्डी ने सोशल मीडिया पर किए जा रहे उन दावों को भी खारिज किया कि डिब्बे में केवल पुरुष यात्री थे। उन्होंने कहा कि उसमें पुरुष और महिला, दोनों यात्री सवार थे।
उन्होंने कहा, “अब हमें यह पता लगाना है कि वह दुर्घटनावश ट्रेन से गिरी थीं या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। हमें इसका पता लगाना है और जांच जारी है।”
आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से नौ अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, एक सहयात्री ने दावा किया था कि बोरो “चलती ट्रेन से गिर गई थीं।”
पुलिस अधीक्षक ने उन दावों को भी गलत बताया कि बोरो ने फोन कर कुछ लड़कों द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत की थी।
उन्होंने हालांकि बताया कि बोरो ने अपनी एक मित्र को संदेश भेजा था कि ट्रेन में पुरुष यात्रियों की अधिक संख्या और भारी भीड़ के कारण उन्हें सीट नहीं मिल रही थी और वह असहज महसूस कर रही थीं।
रेड्डी ने कहा, “संदेशों या वीडियो में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उनके साथ कोई दुर्व्यवहार हुआ था। ऐसा कुछ भी नहीं है। हमने उनका मोबाइल फोन भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।”
उन्होंने बताया कि बोरो का फोन उनके शव के पास मिला था।
पुलिस के अनुसार, बोरो को एक परीक्षा में शामिल होने के लिए घर जाना था, इसलिए वह जल्दबाजी में ट्रेन के सामान्य डिब्बे में चढ़ गई थीं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यदि बोरो दुर्घटनावश ट्रेन से गिरी थीं, तो किसी यात्री ने चेन खींचकर ट्रेन क्यों नहीं रोकी।
रेड्डी ने कहा, “मेरे मन में भी यही सवाल है। चाहे वह दुर्घटनावश ट्रेन से गिरी हों या उनके साथ कोई दुर्व्यवहार हुआ हो, दोनों ही स्थितियों में किसी न किसी को इसकी सूचना देनी चाहिए थी।”
उन्होंने कहा कि रात के समय अत्यधिक भीड़ वाली ट्रेन में मामूली कहासुनी होने पर भी यात्रियों का ध्यान उस ओर जाता और कोई हस्तक्षेप कर सकता था।
रेड्डी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में ट्रेन से उतरे एक पुरुष और एक महिला यात्री ने कहा कि उन्होंने ट्रेन में यात्रियों को किसी लड़की के ट्रेन से गिरने के बारे में बात करते सुना था।
उन्होंने कहा कि इसी वजह से पुलिस सभी यात्रियों से संपर्क कर रही है। हालांकि, बिना आरक्षण के यात्रा कर रहे यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण इसमें समय लग सकता है।
रेड्डी ने कहा, “इसीलिए हम अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रहे हैं। हमें जांच करनी है।”
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