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Tuesday, 28 April, 2026
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असम चुनाव घुसपैठियों को बाहर निकालने और उग्रवाद के काले बादल हटाने के बारे में है: ईरानी

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धेमाजी (असम), 31 मार्च (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने असम में हमेशा अवैध प्रवासियों को बचाने और राज्य को उग्रवाद के काले साये के तहत लाने का काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में विधानसभा चुनाव ‘‘देश से प्रत्येक घुसपैठिए को बाहर निकालने’’ के बारे में है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में हर मोर्चे पर प्रगति सुनिश्चित की है और अब विकास की इस गाथा में महिलाएँ विशेष रूप से आगे हैं।

सिस्सीबोरगांव निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार जीबन गोगोई के लिए चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ईरानी ने कहा, ‘‘यह चुनाव किसी को विधायक बनाने या हिमंत विश्व शर्मा को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के बारे में नहीं है।’’

पंद्रह अगस्त, 2004 के धेमाजी धमाके का ज़िक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘‘ये बेकसूर लोग थे, जिन्हें मार डाला गया। उनकी क्या गलती थी? राज्य पर ऐसा काला साया छा गया कि निर्दोषों को अपनी जान गंवानी पड़ी।’’

इस धमाके में स्कूली बच्चों सहित 13 लोगों की जान गयी थी।

ईरानी ने कहा कि राज्य अब एक ऐसे दौर में पहुँच गया है जहाँ हर कोई बिना किसी डर के राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है, जिसका श्रेय केंद्र और राज्य की मौजूदा सरकार को जाता है।

कांग्रेस पर घुसपैठियों को बचाने का आरोप लगाते हुए, उन्होंने सवाल उठाया कि यह पुरानी पार्टी और विपक्ष में उसके सहयोगी चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ क्यों हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मतदाता सूची में केवल भारतीयों को ही शामिल किया जाना चाहिए। जब ​​निर्वाचन आयोग ने सूची का पुनरीक्षण करना चाहा, तो कांग्रेस ने इसका विरोध क्यों किया? वे भारतीयों की रक्षा करना चाहते हैं या घुसपैठियों की?’’

ईरानी ने राज्य सरकार की इस बात के लिए सराहना की कि उसने 1.65 लाख बीघा से ज़्यादा ज़मीन को अवैध कब्ज़े से मुक्त कराया, और साथ ही कांग्रेस पर सत्ता में रहते हुए कोई कदम न उठाने के लिए निशाना साधा।

यह रेखांकित करते हुए कि पिछले 10 वर्षों में राज्य विकास के पथ पर अग्रसर रहा है, पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री ने कहा कि इस विकास गाथा में महिलाएं केंद्रीय भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले कहा जाता था कि महिलाएं वहीं वोट देती हैं, जहाँ उनके पति उनसे कहते हैं; लेकिन अब महिलाएं ही अपने पतियों से ‘कमल’ (भाजपा का चुनाव चिह्न) को वोट देने के लिए कहती हैं और पुरुष उनकी बात मान लेते हैं।’’

ईरानी ने कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षण लागू होने की प्रक्रिया में है, जिससे उनकी हिस्सेदारी और भी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के कारण संभव हो पाया है।’’

पूर्व मंत्री ने किसानों और युवाओं सहित विभिन्न वर्गों से संबंधित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला, और लोगों से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता हासिल करे।

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को चुनाव होगा और मतगणना चार मई को होगी।

भाषा

नेत्रपाल माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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