नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने एंट्रिक्स-देवास करार विवाद में पंचाट के उस आदेश को निरस्त करने संबंधी एकल पीठ का फैसला शुक्रवार को बरकरार रखा, जिसमें पंचाट ने इसरो के एंट्रिक्स कॉरपोरेशन को ब्याज समेत 56.22 करोड़ डॉलर हर्जाना देवास को भुगतान करने का निर्देश दिया था।
यह मामला 2011 में एक करार को निरस्त करने से जुड़ा है।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र मिश्रा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने देवास मल्टीमीडिया प्राइवेट की अनुषंगी इकाई देवास एम्प्लॉइज मॉरीशस प्राइवेट लिमिटेड की अपील खारिज कर दी। देवास ने एकल पीठ के फैसले को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी थी।
खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में पंचाट के आदेश को निरस्त करने का एकल पीठ का फैसला सही है।
भाषा सुरेश धीरज
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