नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने पार्टी के ”मूल संविधान” में संशोधन से जुड़ी अन्नाद्रमुक की याचिका पर भारत निर्वाचन आयोग से बृहस्पतिवार को उसका रुख पूछा है।
न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने स्वयं को अन्नाद्रमुक का प्राथमिक सदस्य बताने वाले बी. रामकुमार आदित्यन और के. सी. सुरेन पलानीस्वामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया। इन दोनों ने ई. के. पलानीस्वामी को अन्नाद्रमुक का महासचिव बनाने के भारत निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी है।
याचिका में कहा गया है कि आदेश ‘गैरकानूनी’ है और याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुने बगैर यह फैसला लिया गया है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि पार्टी के कानूनों में संशोधन को ‘बेहद मशीनी’ तरीके से मंजूरी दी गई है।
न्यायधीश ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 अक्टूबर की तिथि तय करते हुए कहा, ‘‘नोटिस जारी कर, छह सप्ताह में जवाब देने को कहें।’’
भाषा अर्पणा पवनेश
पवनेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
