नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने भले ही बजरंग दल से जुड़े मुद्दे को लेकर अपनी पूरी ताकत झोंक दी हो, लेकिन कांग्रेस का मानना है कि उसकी ओर से दी गई पांच ‘गारंटी’ ही उसकी जीत का मार्ग प्रशस्त कर सकती है
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र के जारी होने के बाद एक सर्वेक्षण कराया है जिससे पता चलता है कि सिर्फ सात प्रतिशत मतदाता ही बजरंग दल से जुड़े मुद्दे से अवगत हैं।
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया है कि वह बजरंग दल और पीएफआई जैसे संगठनों के खिलाफ प्रतिबंध लगाएगी।
कांग्रेस से जुड़े एक सूत्र ने कहा, ‘ कर्नाटक के सिर्फ सात प्रतिशत मतदाता ही बजरंग दल से जुड़े मुद्दे से अवगत है। इनमें भी 10 प्रतिशत से कम लोग ही इसी चुनाव का मुद्दा मानते हैं। ‘
सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों को सर्वेक्षण का हिस्सा बनाया गया उनमें ज्यादातर भारतीय जनता पार्टी के मतदाता थे तथा भारतीय जनता पार्टी के विरोधी मतदाताओं की गोलबंदी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के पक्ष में बहुत अधिक है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘ सिर्फ तटीय कर्नाटक की 4 सीटों पर ही इस मुद्दे के कारण 1000 से 1500 तक मतो का नुकसान हो सकता है। इन क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों को सूचित कर दिया गया है कि वे और मेहनत करें। ‘
कांग्रेस के एक सूत्र ने कहा, ‘ भारतीय जनता पार्टी भले ही बजरंग दल के मुद्दे पर पूरी ताकत झोंके हुए है, हमारी ओर से दी गई पांच गारंटी ही हमारी जीत का रास्ता तय करेगी। ‘
कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि ‘गृह ज्योति’ योजना के तहत हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली, ‘गृह लक्ष्मी’ योजना के तहत परिवार की प्रत्येक प्रमुख महिला को 2,000 रुपये प्रति माह, ‘अन्न भाग्य’ के तहत बीपीएल परिवार के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 10 किलोग्राम चावल की पेशकश की जाएगी। इसके अलावा ‘युवा निधि’ के तहत बेरोजगार स्नातकों को प्रति माह 3,000 रुपये तथा डिप्लोमा धारकों को दो साल के लिए 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
घोषणापत्र में कहा गया है कि शक्ति योजना के तहत सभी महिलाओं को राज्य भर में केएसआरटीसी / बीएमटीसी बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी।
भाषा हक माधव
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