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Saturday, 18 April, 2026
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अन्नाद्रमुक चार दिन में सीट बंटवारे को अंतिम रूप देगी,निर्वाचन क्षेत्रों की घोषणा करेगी: पलानीस्वामी

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नयी दिल्ली/चेन्नई, 20 मार्च (भाषा) अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अन्य घटक दलों के साथ सीट बंटवारे को अंतिम रूप देगी तथा दलों को आवंटित निर्वाचन क्षेत्रों की औपचारिक घोषणा चार दिन में कर देगी।

पलानीस्वामी ने बृहस्पतिवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की थी।

अन्नाद्रमुक प्रमुख ने कहा कि शाह के साथ उनकी बैठक सौहार्दपूर्ण रही और दोनों ने तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा की।

उन्होंने बातचीत में किसी भी तरह की बाधा से इनकार करते हुए कहा कि इसका सौहार्दपूर्ण समाधान निकल जाएगा।

राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व अन्नाद्रमुक कर रही है। इसके घटक दलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) और पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) शामिल हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने चेन्नई रवाना होने से पहले संवाददाताओं से कहा, ‘‘आपको चार दिन में सब पता चल जाएगा। हम आवंटित निर्वाचन क्षेत्रों के संबंध में घोषणा करेंगे। यहां यह (बातचीत) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) गठबंधन की तरह नहीं है। हमारी बातचीत सुचारू और पूरी तरह व्यवस्थित होगी… हमारा उद्देश्य अपने सहयोगियों को वे सीट आवंटित करना है, जहां उनके जीतने की अच्छी संभावनाएं हैं।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा की तमिलनाडु इकाई के प्रभारी पीयूष गोयल बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए शनिवार को राज्य का दौरा करेंगे।

पलानीस्वामी ने विजय नीत तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के साथ गठबंधन वार्ता को मीडिया की अटकल करार देते हुए कहा, ‘‘मैं अन्नाद्रमुक महासचिव के रूप में कहता रहा हूं कि हमने टीवीके के साथ बातचीत नहीं की है। आप इस मुद्दे को बार-बार क्यों उठाते रहते हैं?’’

किसी अन्य दल के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर पलानीस्वामी ने कहा कि किसी नये दल के राजग में शामिल होने की संभावना नहीं है क्योंकि गठबंधन तय हो चुका है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की एक योजना की आलोचना करते हुए अभिनेत्री नयनतारा पर अन्नाद्रमुक के राज्यसभा सदस्य सी. वी. षणमुगम की हालिया विवादास्पद टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘उन्होंने (षणमुगम ने) अपनी गलती का एहसास होने के बाद माफी मांग ली है। इसलिए इस पर आगे चर्चा करना उचित नहीं होगा।’’

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी का चुनावी घोषणापत्र एक सप्ताह में जारी किया जाएगा।

पलानीस्वामी पहले ही कुछ चुनावी वादे कर चुके हैं, जिनमें द्रमुक शासन के दौरान उत्पन्न “आर्थिक कठिनाई” से उबरने के लिए लोगों को 10,000 रुपये की एकमुश्त सहायता देने का वादा शामिल है।

यह पूछे जाने पर कि अभिनेता विजय की टीवीके और पूर्व फिल्म निर्देशक सीमन की नाम तमिलर काची (एनटीके) की मौजूदगी से क्या मुकाबला कठिन हो जाएगा, पलानीस्वामी ने कहा कि चुनावी लड़ाई केवल अन्नाद्रमुक नीत राजग और “भ्रष्ट” द्रमुक के बीच है।

तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘द्रमुक सरकार की एकमात्र उपलब्धि भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था है। इसने राज्य के लिए कोई नयी योजना नहीं शुरू की है।’’

इस बीच, अन्नाद्रमुक की सहयोगी पार्टी एएमएमके के महासचिव टी. टी. वी. दिनाकरन ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की उस टिप्पणी की आलोचना की, जिसमें उन्होंने पलानीस्वामी की शाह से मिलने के लिए दिल्ली यात्रा का मजाक उड़ाया था। स्टालिन ने पूछा था कि क्या अन्नाद्रमुक प्रमुख तमिलनाडु के लिए धन सुनिश्चित करने गए थे।

दिनाकरन ने दिल्ली रवाना होने से पहले चेन्नई हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्या मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद केंद्र सरकार राज्य को धन नहीं दे सकती? लोग बखूबी जानते हैं तमिलनाडु को जितना भी धन दिया जाए, मौजूदा सरकार उसे हड़प लेती है। इसलिए लोग सरकार बदलने का इंतजार कर रहे हैं।’’

दिनाकरन ने कहा कि 23 अप्रैल का चुनाव राजग और द्रमुक गठबंधन के बीच है। उन्होंने दावा किया कि जब भी राजग नेता दिल्ली में भाजपा नेताओं से मिलते हैं, स्टालिन घबरा जाते हैं।

एक सवाल के जवाब में दिनाकरन ने कहा कि उन्हें चार दिन पहले शाह से मिलने का निमंत्रण मिला था और शुक्रवार को गृह मंत्री के साथ उनकी बैठक राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए थी।

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने राजग नेताओं द्वारा अमित शाह से मिलने का बचाव किया और कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

उन्होंने कहा, “पलानीस्वामी या दिनाकरन का केंद्रीय गृह मंत्री से मिलना क्या गलत है? क्या मुख्यमंत्री को पता है कि उनके भाजपा नेता से मिलने का कारण क्या था?”

नागेंद्रन ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा, “मुझे लगता है कि हर बार जब राजग नेता गृह मंत्री से मिलते हैं, तो मुख्यमंत्री घबरा जाते हैं।”

विपक्षी अन्नाद्रमुक ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि भी 2011 में राष्ट्रीय राजधानी गए थे और कांग्रेस नेताओं से मुलाकात कर गठबंधन को पक्का किया था।

अन्नाद्रमुक ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “मुख्यमंत्री कहते हैं कि हम दिल्ली में गठबंधन की बात कर रहे हैं। क्या कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम द्वारा स्टालिन से मिलने के बाद द्रमुक-कांग्रेस सीट बंटवारे की बातचीत को अंतिम रूप नहीं दिया था? क्या आपके पिता एवं दिवंगत मुख्यमंत्री एम करुणानिधि 2011 के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करने दिल्ली नहीं गए थे?”

पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या स्टालिन चेन्नई में पलानीस्वामी के (ग्रीनवे) आवास पर अमित शाह के दौरे और वहां हुई गठबंधन वार्ता को भूल गए हैं।

भाषा खारी पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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