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Thursday, 1 October, 2026
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युवती की मौत से जुड़ी खबरों का अध्ययन करने के बाद मंगेतर ने केतन की हत्या की साजिश रची

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पुणे, एक अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र में पुणे ग्रामीण पुलिस की ओर से वडगांव मावल अदालत में दाखिल आरोपपत्र के अनुसार, पुणे जिले के लोहागढ़ किले में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश तब रची गई, जब उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने 2025 में वहां एक युवती की मौत से जुड़ी ऑनलाइन खबरों का अध्ययन किया।

अग्रवाल (26) की 18 जून को मौत हो गई थी। शुरुआत में माना गया था कि उनकी लोहागढ़ किले से दुर्घटनावश गिरने के कारण मौत हो गई, लेकिन जांच में पता चला कि उन्हें धक्का दिया गया था।

गत 19 सितंबर को दाखिल 5,053 पृष्ठों के आरोपपत्र में गोयल, चौधरी और रितेश हांगे को हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया है। आरोपपत्र में मोबाइल फोन का डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया से मिली सामग्री, संदेश, तस्वीरें, गवाहों के बयान और तकनीकी विश्लेषण प्रमाणपत्र जैसे डिजिटल साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।

आरोपपत्र के अनुसार, सिया गोयल, अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी, जबकि उन दोनों की इस साल 19 फरवरी को सगाई हुई थी। इसके बाद उसने चौधरी और हांगे के साथ मिलकर अग्रवाल की हत्या की साजिश रची और उसकी मौत को हादसा दिखाने का षड्यंत्र किया।

इसके अनुसार, गोयल और चौधरी ने मौत, ट्रेकिंग की घटनाओं और सबूत छिपाने के तरीकों से संबंधित जानकारी के लिए गूगल, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया मंचों को खंगाला।

पुलिस ने यह भी दावा किया है कि आरोपियों ने मेघालय में हनीमून के दौरान हुई राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ी जानकारी और फोन तथा ऑनलाइन डेटा को हटाने के तरीकों के बारे में भी जानकारी हासिल की थी।

कथित साजिश का एक अहम हिस्सा सांगवी की 21-वर्षीय युवती मानसी गोविंदपुरकर की मौत का अध्ययन करना था। वह 18 मार्च 2025 को कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकली थी और उसके बाद लापता हो गई थी।

उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन लोहागढ़ में मिली थी, जहां सीसीटीवी फुटेज में वह अकेले टैक्सी से पहुंचती और किले में प्रवेश करती दिखाई दी थी।

पुलिस और शिवदुर्ग बचाव दल द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के बाद दो दिन बाद उसका शव लोहागढ़ की तलहटी के निकट नवग्रह मंदिर क्षेत्र के नजदीक झाड़ियों में मिला था।

पुलिस ने इस बात की जांच की थी कि क्या वह किले से गिर गई थी या उसकी मौत का कोई और कारण था। हालांकि, बाद की रिपोर्ट में उसकी मौत को कथित तौर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और एलएलबी की तीसरे वर्ष की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने के कारण हुई परेशानी से जुड़ी आत्महत्या बताया गया।

आरोपपत्र में इस बात पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है कि आरोपियों को 2025 में लोहागढ़ में हुई मौत के बारे में जानकारी कैसे मिली।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, गोयल को फेसबुक पर गोविंदपुरकर की मौत के बारे में जानकारी मिली और इसके बाद उसने चौधरी के साथ लोहागढ़ के स्थान को लेकर चर्चा की।

पुलिस के अनुसार, दोनों ने कथित तौर पर तय किया कि अग्रवाल को किले से धक्का दिया जा सकता है, ताकि उसकी मौत दुर्घटनावश गिरने के कारण हुई प्रतीत हो।

पुलिस के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर इस स्थान की जानकारी हांगे के साथ भी साझा की।

पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने लोहागढ़, ट्रेकिंग की घटनाओं और लोनावला क्षेत्र में ऊंचाई से गिरने के कारण हुई मौतों से संबंधित और जानकारी भी कथित तौर पर खोजी।

इसने कहा कि जांच के दौरान बरामद डिजिटल सामग्री को आरोपपत्र के हिस्से के रूप में अदालत में पेश किया गया है।

भाषा देवेंद्र सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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