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Thursday, 1 October, 2026
होमडिफेंस‘इज़रायल कभी नहीं भूलता’: 180 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट को सम्मानित किया जाएगा: रुवेन अजार

‘इज़रायल कभी नहीं भूलता’: 180 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट को सम्मानित किया जाएगा: रुवेन अजार

अजार ने कहा कि मच्छर की कार्रवाई खास तौर पर महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इस दौरान वह खुद भी घायल हो गए थे.

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नई दिल्ली: तेल अवीव जा रही फ्लाइट में अपने ओमानी को-पायलट के हमले से बचते हुए गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन स्मित मच्छर को 180 यात्रियों की जान बचाने में मदद करने के लिए उचित सम्मान दिया जाएगा. भारत में इज़रायल के राजदूत रुवेन अजार ने दिप्रिंट से यह बात कही.

अजार ने कहा कि इज़रायल “जरूरत के समय उसकी मदद करने वालों को कभी नहीं भूलता”. उन्होंने संकेत दिया कि उनका देश स्मित की बहादुरी को सम्मान देने का उचित तरीका जरूर खोजेगा.

अजार ने दिप्रिंट को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर कोई इसके बारे में बात कर रहा है, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, हमारी संसद के प्रमुख. हम उन लोगों को कभी नहीं भूलते जो जरूरत के समय हमारी मदद करने आते हैं और मुझे पूरा भरोसा है कि इज़रायल की सरकार कैप्टन स्मित स्मित की बहादुरी को पहचानने का उचित तरीका जरूर खोजेगी.”

इज़रायली राजदूत ने विमान के अंदर हुई घटना के बारे में भी जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि यह जानकारी इज़रायली यात्रियों की ओर से इजरायली मीडिया और अधिकारियों को दिए गए बयानों पर आधारित है. साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच अभी जारी है.

अजार ने कहा, “अब तक हमें जो जानकारी मिली है, वह उन इज़रायली गवाहों से मिली है, जिनसे इज़रायली मीडिया ने बात की है. इनमें से एक से खुद प्रधानमंत्री ने भी बात की थी.”

इस जानकारी के मुताबिक, यात्रियों ने कॉकपिट से कुछ आवाजें सुनीं. इसके बाद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला. तीन इज़रायली यात्री कॉकपिट के अंदर गए और उन्होंने को-पायलट को काबू करने में मदद की.

इनमें से एक यात्री ने देखा कि हमलावर विमान के कंट्रोल के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहा था. उसने विमान को संभालने के लिए कंट्रोल को ऊपर खींचा और दो अन्य पायलटों को बुलाया, जो यात्री के तौर पर विमान में सफर कर रहे थे.

अजार ने कहा, “वे अंदर आए और उन्होंने स्थिति को संभाल लिया.”

इसके बाद विमान ने सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग की.

अजार ने कहा कि स्मित की कार्रवाई इसलिए भी खास थी क्योंकि इस पूरी घटना के दौरान वह खुद घायल हो गए थे.

इज़रायली राजदूत ने कहा, “उन्होंने बिल्कुल भी देर नहीं की. कप्तान और उस नागरिक, जिसने विमान के कंट्रोल को ऊपर खींचा, दोनों ने बिना देर किए तेजी से काम किया और विमान को लगातार नीचे जाने से रोक दिया.”

अजार ने उस इज़रायली यात्री की भूमिका पर भी जोर दिया, जिसने कॉकपिट में जाकर मदद की. उन्होंने एक इज़रायली डेंटिस्ट का भी ज़िक्र किया, जिन्होंने घायल पायलट को मेडिकल मदद दी.

उन्होंने कहा, “इस तरह, कैप्टन स्मित की बहादुरी, इज़रायली नागरिकों के हौसले और चालक दल, यानी अमीराती क्रू के प्रयासों की वजह से वे इतने लोगों की जान बचाने में सफल रहे.”

‘जांच का इंतज़ार’

इज़रायली राजदूत ने इस घटना के “संवेदनशील” समय की ओर भी इशारा किया. यह घटना प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की UAE यात्रा के कुछ ही दिनों बाद हुई. बताया गया था कि इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय नेताओं से बातचीत की थी. यह घटना 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की इज़रायल में होने वाली बरसी से कुछ दिन पहले भी हुई.

हालांकि, अजार ने जोर देकर कहा कि कॉकपिट में हुए हमले के पीछे की वजह अभी पता नहीं है.

उन्होंने याद दिलाया कि इज़रायली खुफिया एजेंसियों का आकलन था कि अब मारे जा चुके हमास नेता याह्या सिनवार इज़रायल और अरब देशों के बीच बढ़ते संबंधों को लेकर चिंतित थे. इसलिए इसे 7 अक्टूबर के हमले की प्रमुख वजहों में से एक माना गया था.

उन्होंने कहा, “अब ऐसा लगता है कि को-पायलट ओमान का नागरिक था और एक साल से भी कम समय से कंपनी में काम कर रहा था, लेकिन फिर से कहूं तो हमें अभी नहीं पता कि को-पायलट और हमलावर की वजह क्या थी. क्या उसके साथ कोई और लोग शामिल थे, क्या उसे किसी दूसरी एजेंसी या विदेशी ताकत ने भेजा था, या उसने यह सब अकेले किया था.”

राजदूत ने कहा कि इन सभी सवालों के जवाब संबंधित अधिकारियों की ओर से की जा रही जांच के बाद ही सामने आएंगे.

मच्छर इससे पहले स्पाइसजेट के लिए भी उड़ान भर चुके हैं. उन्हें आगे के इलाज के लिए सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके UAE के अबू धाबी ले जाया गया. इस घटना ने इज़रायल में काफी ध्यान खींचा है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू समेत कई लोगों ने सार्वजनिक रूप से भारतीय पायलट की तारीफ की है और उन्हें हीरो बताया है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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