scorecardresearch
Tuesday, 6 October, 2026
होमदेशयौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच ACP विवेक भगत की पदोन्नति टली

यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच ACP विवेक भगत की पदोन्नति टली

सोमवार को सरकार ने 11 अन्य अधिकारियों के साथ उन्हें Additional DCP के पद पर पदोन्नत करने की जानकारी दी थी. हालांकि, बाद में उनके मामले में इस आदेश में बदलाव कर दिया गया.

Text Size:

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने सोमवार को कनॉट प्लेस के एडिशनल पुलिस कमिश्नर (एसीपी) विवेक भगत की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट पुलिस कमिश्नर (एडिशनल डीसीपी) के पद पर पदोन्नति टाल दी. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब एक महिला पत्रकार द्वारा अधिकारी पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों का मामला शांत नहीं हो रहा है.

दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव और दादरा और नगर हवेली पुलिस सेवा (DANIPS) कैडर के अधिकारी भगत को 11 अन्य अधिकारियों के साथ सोमवार को एडिशनल डीसीपी के पद पर पदोन्नत किया गया था. इस आदेश पर उप सचिव (गृह) रमेश कुमार ने हस्ताक्षर किए थे.

नोटिफिकेशन में कहा गया, “दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल, दिल्ली पुलिस में तैनात चयन ग्रेड DANIPS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के पदों का मौजूदा ड्यूटी चार्ज देने के लिए प्रसन्न हैं, ताकि सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाया जा सके.”

इस सूची में 2018 बैच के DANIPS कैडर के 12 अधिकारियों के नाम थे, जिनमें एसीपी भगत भी शामिल थे.

इस नोटिफिकेशन के बाद भगत के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन में गुस्सा और बढ़ गया. आरोप है कि जंतर-मंतर इलाके में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भगत ने एक महिला पत्रकार का यौन उत्पीड़न किया था. इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कई प्रदर्शनकारी, जिनमें यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली स्वतंत्र पत्रकार भी शामिल थीं, रविवार से अगली सुबह तक पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर बैठे रहे. बाद में सभी को हिरासत में ले लिया गया.

बड़े विरोध के बाद, दिल्ली सरकार ने दूसरे नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया कि भगत की पदोन्नति से जुड़ा फैसला इस मामले की जांच पूरी होने तक रोक दिया गया है.

नोटिफिकेशन में कहा गया, “5 अक्टूबर 2026 को दिल्ली सरकार द्वारा जारी आदेश, जिसमें DANIPS के 12 अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के पद का मौजूदा ड्यूटी चार्ज दिया गया था, उसमें एसीपी श्री विवेक भगत के संबंध में बदलाव किया जा रहा है.”

नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया कि पहले जारी किया गया आदेश 25 अगस्त को शुरू किए गए एक प्रस्ताव के आधार पर था, यानी यह “मौजूदा घटनाक्रम” से काफी पहले की प्रक्रिया थी.

नोटिफिकेशन में कहा गया, “जैसा कि आदेश में बताया गया है, मौजूदा ड्यूटी चार्ज देना एक अस्थायी व्यवस्था है, जिससे कोई आर्थिक लाभ नहीं मिलता है. साथ ही, जिन अधिकारियों को मौजूदा ड्यूटी चार्ज दिया गया है, वे नियमित रूप से इस पद पर तैनात अधिकारियों के किसी वैधानिक काम को नहीं कर सकते. हालांकि, एसीपी श्री विवेक भगत ने अपनी इच्छा से अनुरोध किया है कि वह मौजूदा ड्यूटी चार्ज की जिम्मेदारी तब तक नहीं संभालना चाहते, जब तक महिलाओं से जुड़े पत्रकारों के कथित उत्पीड़न के मामले में पूरी जांच नहीं हो जाती और जांच संतोषजनक तरीके से पूरी नहीं हो जाती.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: भूमिका बदल रही है? कांग्रेस BJP की अच्छी बातें अपना रही है, जबकि BJP उसकी बुरी बातें सीख रही है


 

share & View comments