नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को अपनी उस टिप्पणी पर सफाई दी जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शन जितना ‘जेन जी’ का समर्थन नहीं मिला। उन्होंने अफसोस जताया कि मीडिया इसे ‘‘मेरी अपनी पार्टी या उसके नेतृत्व पर हमले’’ के तौर पर पेश कर रहा है।
थरूर ने कहा कि उनका मकसद यह बताना था कि राजनीतिक पार्टियों को अपने दरवाजे खोलने चाहिए और अगली पीढ़ी के लिए राजनीति को आकार देने की शक्ति हासिल करने के रास्ते बनाने चाहिए।
उन्होंने शुक्रवार को महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम में कहा था कि सभी विपक्षी पार्टियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उन्होंने ‘‘उन लोगों के लिए अपनी पार्टियों में आने का रास्ता नहीं बनाया जो पिछले महीने जंतर-मंतर पर मौजूद थे’’।
कांग्रेस नेता ने कहा कि स्थापित दल तब तक प्रासंगिक नहीं रहेंगे जब तक वे उन नयी आवाजों को नहीं सुनते जिन्हें उन्होंने अब तक नहीं सुना है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम ने वही मुद्दे उठाए जो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने उठाए थे। जब उनसे पूछा गया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रमों को जंतर-मंतर वाले विरोध-प्रदर्शन जितना समर्थन क्यों नहीं मिला, तो थरूर ने कहा, ‘‘सही बात है। और इसीलिए हमें खुद से पूछना होगा कि हम क्या करने में नाकाम रहे।’’
शनिवार को थरूर ने दावा किया कि पत्रकारों ने उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया।
भाषा शफीक नेत्रपाल
नेत्रपाल
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.