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Saturday, 7 November, 2026
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रामपुर तिराहा कांड में घायल होने के कारण कामकाज में असमर्थ लोगों को मिलेगी अतिरिक्त सहायता

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देहरादून, छह नवंबर (भाषा) उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड में पुलिस की गोलियों से घायल होने के बाद कामकाज में असमर्थ दो आंदोलनकारियों को समुचित देखरेख के लिए 20-20 हजार रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त सहायता देने को मंजूरी दी गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी ।

अधिकारियों के मुताबिक, इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है ।

शासनादेश के अनुसार, हरिद्वार जिले के निवासी प्रकाश चन्द्र कांति और देहरादून के रहने वाले अमित ओबरॉय को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर यह सहायता प्रदान की जाएगी।

दोनों राज्य आंदोलनकारियों को फिलहाल 30 हजार रुपये प्रतिमाह विशेष सम्मान पेंशन दी जा रही है। अब उनकी देखरेख के लिए 20 हजार रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त धनराशि देने को मंजूरी दी गई है।

इस धनराशि से दोनों आंदोलनकारियों के लिए एक-एक सहायक की व्यवस्था की जा सकेगी।

रामपुर तिराहा कांड दो अक्टूबर 1994 को हुआ था, जब ऋषिकेश से दिल्ली जा रहे उत्तराखंड राज्य आंदोलन के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर रोक दिया था।

पुलिस की गोलीबारी में सात कार्यकर्ता मारे गए थे, जबकि कई महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था, जिससे यह उत्तराखंड राज्य आंदोलन की सबसे विवादास्पद घटनाओं में से एक बन गई।

नौ नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग करके उत्तराखंड राज्य बनाया गया था।

भाषा दीप्ति जोहेब

जोहेब

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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