scorecardresearch
Sunday, 26 April, 2026
होमदेशरेल ओवरब्रिज में तकनीकी खराबी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी: मप्र मुख्यमंत्री

रेल ओवरब्रिज में तकनीकी खराबी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी: मप्र मुख्यमंत्री

Text Size:

भोपाल, 26 जून (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि भोपाल में 90 डिग्री मोड़ वाले रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में तकनीकी खामियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद ही ओवरब्रिज का उद्घाटन किया जाएगा।

राज्य की राजधानी में ऐशबाग स्टेडियम के पास बना रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) स्थानीय निवासियों द्वारा इसके डिज़ाइन पर सवाल उठाए जाने के साथ ही आलोचना और उपहास का विषय बन गया।

संभावित जोखिमों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वाहनों के लिए इसके असामान्य 90 डिग्री मोड़ से गुजरना मुश्किल होगा।

एक बयान में मुख्यमंत्री यादव ने कहा, ‘ऐशबाग आरओबी के निर्माण कार्य में तकनीकी खामियों को दूर किया जाएगा। इनके (खामियों) लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

उन्होंने कहा कि आरओबी में तकनीकी खराबी को दूर करने का काम शुरू हो गया है और काम पूरा होने के बाद ही इसका उद्घाटन किया जाएगा।

18 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आरओबी का उद्देश्य महामाई का बाग, पुष्पा नगर और स्टेशन क्षेत्र से नए भोपाल तक वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।

पिछले सप्ताह लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुल पर वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए समाधान खोजने के लिए एक समिति बनाई थी।

पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने तब कहा था कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक टीम ने मामले की जांच की और पाया कि जमीन की अनुपलब्धता के कारण अजीब डिजाइन अपनाया गया था।

उन्होंने कहा था कि दो मुख्य इंजीनियरों वाली समिति, रेलवे सहित सभी हितधारकों से बात करेगी और फिर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उनके अनुसार समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि पुल के मोड़ को कैसे सुगम और दुर्घटना मुक्त बनाया जाए।

आरओबी के निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने पहले तर्क दिया था कि जमीन की कमी और पास में मेट्रो रेल स्टेशन की मौजूदगी को देखते हुए उनके पास इसे इस तरह बनाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था।

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि अगर थोड़ी और जमीन उपलब्ध हो जाए तो 90 डिग्री के तीखे मोड़ को बदला जा सकता है।

मार्च 2023 में आरओबी का निर्माण शुरू होने से पहले सरकार ने कहा था कि इसके चालू हो जाने के बाद ऐशबाग इलाके के लोगों को न तो रेलवे क्रॉसिंग पर इंतजार करना पड़ेगा और न ही लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा और इससे हर दिन करीब तीन लाख लोगों को फायदा होगा।

भाषा दिमो नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments