बेंगलुरु: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सोमवार को केंद्रीय मंत्रियों को पत्र भेजकर नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में जेल में बंद छात्र नेता उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग रद्द करने की मांग की.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की छात्र इकाई ABVP ने यह पत्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और कानून एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल को भेजा.
उन्होंने कार्यक्रम को स्थायी रूप से रद्द कराने के लिए “केंद्र के दखल” और NLSIU प्रशासन के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने की मांग की.
14 सितंबर को लिखे अपने पत्र में ABVP के बेंगलुरु महानगर सचिव अभिनंदन मिर्जी ने कहा कि संगठन ने उमर खालिद पर ललित वाचानी की डॉक्यूमेंट्री ‘Prisoner No. 626710 is Present’ की विवादित स्क्रीनिंग को सिर्फ टालने के फैसले को “स्वीकार करने से इनकार कर दिया है.”
ABVP का यह पत्र NLSIU के कार्यक्रम टालने के फैसले के ठीक एक दिन बाद आया. यह कार्यक्रम पहले 14 सितंबर को शाम 7 बजे दिखाया जाना था. ABVP प्रस्तावित स्क्रीनिंग का विरोध कर रहा था, जिसके चलते इसे टाल दिया गया.
मिर्जी ने सोमवार शाम जारी एक बयान में कहा, “हालांकि, कार्यक्रम के आयोजकों ने हाल ही में सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए इसे अस्थायी रूप से टालने का ऐलान किया है, लेकिन ABVP बेंगलुरु का कहना है कि देरी करना सिर्फ एक रणनीति है, ताकि लोगों का गुस्सा शांत हो जाए.”
बयान में आगे कहा गया कि देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान खालिद से जुड़े “राजनीतिक प्रचार के मंच” नहीं बन सकते. खालिद पिछले छह साल से बिना मुकदमे के जेल में बंद है.
NLSIU की ओर से स्क्रीनिंग टाले जाने के बाद ABVP ने मांग की कि केंद्र दखल दे और डॉक्यूमेंट्री को “तुरंत और पूरी तरह रद्द” करने के निर्देश जारी करे.
उन्होंने यह भी मांग की कि केंद्र NLSIU प्रशासन और आयोजन समिति के खिलाफ “व्यापक जांच” शुरू करे. यह जांच इस बात को लेकर हो कि छात्र संगठनों की ओर से दी गई औपचारिक शिकायतों को नजरअंदाज करते हुए ऐसे कार्यक्रम की अनुमति कैसे दी गई, जिसमें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और नागरिक अशांति के आरोपी व्यक्ति का महिमामंडन किया जा रहा है.
रविवार को NLSIU ने कर्मचारियों और अन्य लोगों को एक बयान जारी कर बताया कि “व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं” के कारण स्क्रीनिंग को टाल दिया गया है.
संस्थान ने कहा कि वह पर्याप्त सुरक्षा के साथ और ज्यादा से ज्यादा छात्रों की भलाई को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम आयोजित करने की दिशा में काम कर रहा है.
NSLUI के बयान के अनुसार, “हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि हम किसी के दबाव में आकर कार्यक्रम से पीछे नहीं हट रहे हैं. स्क्रीनिंग सुरक्षित और जिम्मेदारी से कराई जा सके, यह सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम को टालना एक एहतियाती कदम है.”
संस्थान ने कार्यक्रम को इसी ट्राइमेस्टर में आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है.
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