पटना, 14 अगस्त (भाषा) बिहार के भोजपुर जिले के एक निवासी ने बृहस्पतिवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर गुहार लगाई कि वह जीवित है।
मिंटू पासवान (जिन्हें इस सप्ताह के शुरू में उच्चतम न्यायालय में पेश किया गया था) को भाकपा (माले) लिबरेशन के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ले जाया गया।
पासवान ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे नहीं पता कि अधिकारी मुझे किसी रूप में देखते हैं, लेकिन सच तो यह है कि मैं यह जानकर व्यथित हूं कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मुझे मृत घोषित कर दिया गया है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि कोई भी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) उनके घर नहीं आया।
इस अवसर पर उपस्थित भाकपा (माले) लिबरेशन के सचिव कुणाल ने कहा, ‘इस प्रकार की विसंगतियां ही हमारे महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य द्वारा उच्चतम न्यायालय में एसआईआर का विरोध करने का मुख्य कारण हैं। मिंटू से नये मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए फॉर्म 06 भरने के लिए कहा जा रहा है, जबकि वह पहले भी मतदान कर चुके हैं।’
भाषा
शुभम पारुल
पारुल
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