(पायल बनर्जी)
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) भारत के सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) को शामिल करते हुए एक नया कोविन मंच सितंबर के मध्य में प्रायोगिक तौर पर शुरू किये जाने की संभावना है, जिसमें बाद के चरणों में रक्त दान और अंग दान संबंधी सुविधाओं को जोड़ा जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस प्रायोगिक परियोजना को प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के दो जिलों में तीन महीने के लिए लागू किया जाएगा।
मंच पर कोविड-19 टीकाकरण और प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी रिकॉर्ड दर्ज करने का वर्तमान उद्देश्य बना रहेगा।
सूत्रों ने बताया कि एक बार यूआईपी को मंच पर शामिल करने के बाद, रिकॉर्ड सहित संपूर्ण टीकाकरण प्रणाली डिजिटल हो जाएगी, जिससे लाभार्थियों का पता लगाना आसान हो जायेगा।
यूआईपी के तहत टीकाकरण रिकॉर्ड की देखरेख अभी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से नहीं किया जा रहा है।
सूत्रों ने बताया, ‘‘इससे भौतिक रिकॉर्ड रखने की परेशानी दूर होगी। वास्तविक समय के आधार पर टीकाकरण की स्थिति को अद्यतन किया जायेगा। टीकाकरण के लिए लाभार्थी पहले से पंजीकरण करा सकेंगे। साथ ही, पूरे टीकाकरण कार्यक्रम के डिजिटल हो जाने के बाद, लाभार्थियों को मौके पर ही प्रमाण पत्र मिल जाएंगे और वे चाहें तो उन्हें डाउनलोड भी कर सकते हैं। इन प्रमाणपत्रों को डिजी लॉकर में रखा जाएगा।’’
एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण यूआईपी को शामिल करने के लिए कोविन मंच पर सुविधाओं को शामिल करने के संबंध में तेजी से काम कर रहा है और सितंबर के मध्य में संशोधित मंच को प्रायोगिक रूप से शुरू किए जाने की संभावना है।’’
यूआईपी रोकथाम किये जाने योग्य रोगों से बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रमों में से एक है। यूआईपी के तहत, सरकार 12 रोगों के खिलाफ निशुल्क टीकाकरण कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि कोविन के साथ रक्तदान और अंग दान प्रक्रियाओं को एकीकृत करने से रोगियों को उनके स्थान के आसपास उपयुक्त रक्त दाताओं से जुड़ने में मदद मिलेगी जिससे रक्त की आसानी से उपलब्धता हो सकेगी और अंग दान की प्रणाली में पारदर्शिता भी आएगी।
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देवेंद्र सुभाष
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