इंफाल: मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में हिंसा के ताज़ा घटनाक्रम में मैतेई समुदाय के 40-वर्षीय एक व्यक्ति के मारे जाने के एक दिन बाद गुरुवार देर रात उपद्रवियों की भीड़ ने सांसद राजकुमार रंजन सिंह के घर पर हमला बोल दिया.
रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट के कर्मी सिंह जो कि विदेश और शिक्षा राज्य मंत्री भी हैं, के घर के बाहर जमा भीड़ को रोकने की कोशिश कर रहे थे.
इन उपद्रवियों में मैतेइ पुरुष और महिलाएं शामिल थे, जिन्होंने मणिपुर हिंसा में हाल के हफ्तों में हुई दर्जनों मौतों को लेकर सांसद के घर पर हमला किया, जो उसी समुदाय से हैं.
मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि जिस समय लोगों ने उनके घर को जलाने की कोशिश की, सिंह अपने परिवार के तीन अन्य सदस्य समेत इमारत में मौजूद थे.
अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही उपद्रवियों ने सांसद के घर पर पथराव शुरू किया, सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दाग दिए.
घटनाक्रम का आंखों-देखा हाल सुनाने वाली एक महिला ने बताया कि कुछ लोगों ने रात करीब 8 बजे चौकी पर हमला करना शुरू कर दिया और आस-पड़ोस के सभी लोगों को बाहर आने के लिए कहा.
उन्होंने कहा,“हम डिनर करने वाले थे. ये सभी आसपास के इलाकों के लोग थे जो जमा हुए थे. ऐसा लगता था कि वे घर जलाने की तैयारी करके आए हैं. वे कल बिष्णुपुर में एक मैतेइ व्यक्ति की मौत से नाराज़ हैं और हमारे सांसद और विधायक कुछ नहीं कर रहे हैं. झड़पें 20 दिनों से अधिक समय से चल रही हैं और यह बंद नहीं हो रही हैं.”
यह घटना मणिपुर के मंत्री कोन्थौजम गोविंददास के बिष्णुपुर स्थित घर पर मैतेई और कुकी समुदायों के बीच चल रही जातीय हिंसा के दौरान हमला किए जाने के बाद की है, जिसमें पहले ही लगभग 75 लोगों की जान जा चुकी है.
देर रात का घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मणिपुर में शांति की अपील करने के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे जल्द ही पूर्वोत्तर राज्य का दौरा करेंगे और हिंसा में शामिल दोनों समुदायों के लोगों से बात करेंगे.
(संपादनः फाल्गुनी शर्मा)
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