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Tuesday, 17 March, 2026
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लोकसभा में 8 विपक्षी सांसदों की बहाली, बजट सत्र में फिर लेंगे हिस्सा

स्पीकर ओम बिरला ने रद्द किया निलंबन, सत्ता और विपक्ष दोनों ने कहा, सदन की गरिमा बनाए रखना ज़रूरी.

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नई दिल्ली: बजट सत्र के बीच लोकसभा में निलंबित किए गए 8 विपक्षी सांसदों की वापसी हो गई है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को उनका निलंबन रद्द कर दिया, जिसके बाद वे फिर से सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे.

यह फैसला तब आया जब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में प्रस्ताव पेश किया. प्रस्ताव पारित होने के बाद कांग्रेस के मुख्य सचेतक के. सुरेश ने कुछ सदस्यों के “अनजाने में हुई गलती” पर खेद जताया.

निलंबन हटने के बाद सभी 8 सांसदों—गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, बी मणिकम टैगोर, डॉ. प्रशांत पडोले, चामला किरण कुमार रेड्डी और एस. वेंकटेशन ने संसद परिसर में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी.

ये सांसद 4 फरवरी को बजट सत्र के बाकी समय के लिए निलंबित किए गए थे. उन पर सदन में हंगामे के दौरान नियमों का उल्लंघन करने और “चेयर की ओर कागज फेंकने” का आरोप था. यह विवाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पूर्वी लद्दाख में 2020 के चीन सीमा तनाव का मुद्दा उठाने की मांग को लेकर हुआ था.

सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी दलों के नेताओं के बीच सहमति बनी थी कि निलंबन खत्म किया जाए. साथ ही यह भी तय हुआ कि कोई भी सांसद सदन की गरिमा के खिलाफ व्यवहार नहीं करेगा—जैसे वेल में जाना, कागज फाड़ना या चेयर की ओर फेंकना.

लोकसभा सचिवालय ने भी एक बुलेटिन जारी कर सदन की मर्यादा बनाए रखने की हिदायत दी है. इसमें हथियार, बैनर, पोस्टर या आपत्तिजनक सामग्री लाने पर रोक दोहराई गई है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

इस फैसले का सभी दलों के नेताओं ने स्वागत किया. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे “बहुत अच्छा फैसला” बताया और कहा कि साथियों का रोज सीढ़ियों पर बैठना लोकतंत्र के लिए दुखद था.

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कहा कि यह अच्छा कदम है और दोनों पक्षों को सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए.

वहीं बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा कि संसद देश की “सबसे बड़ी पंचायत” है और इसे प्यार और सम्मान के साथ चलना चाहिए. बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने भी उम्मीद जताई कि विपक्ष सदन की मर्यादा का पालन करेगा.

कुल मिलाकर, इस फैसले के साथ ही बजट सत्र में टकराव की जगह सहयोग का संकेत देने की कोशिश दिख रही है.

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