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Tuesday, 5 May, 2026
होमदेशपुणे में 3 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या: आरोपी पहले भी दो मामलों में हुआ है बरी—पुलिस

पुणे में 3 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या: आरोपी पहले भी दो मामलों में हुआ है बरी—पुलिस

65 साल के मज़दूर भीमराव कांबले को बच्ची का रेप करने और पत्थर से उनका सिर कुचलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.

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मुंबई: पुणे में पुलिस ने बताया कि नसरपुर में साढ़े तीन साल की बच्ची के रेप और मर्डर के आरोपी पर पहले भी दो बार यौन शोषण का आरोप लगा था और दोनों बार वह बरी हो गया था क्योंकि इस बीच फांसी की सज़ा की मांग तेज हो रही है.

1 मई के इस अपराध के तुरंत बाद गिरफ्तार किए गए 65 साल के मजदूर भीमराव कांबले पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और बच्चों को यौन अपराधों से बचाने वाला कानून (POCSO) के तहत केस दर्ज किया गया है. पुणे की एक स्थानीय अदालत ने उसे 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

इस मामले की जांच के लिए 6 सदस्यों की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है, जिसमें दो महिला अधिकारी भी शामिल हैं.

पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने कहा कि 15 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी और केस की सुनवाई जल्दी कराई जाएगी.

गिल ने रविवार को पत्रकारों से कहा, “आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड है. उसके खिलाफ 1998 और 2015 में केस दर्ज हुए थे. 1998 में उस पर यौन शोषण का आरोप लगा था और 2015 में उस पर यौन शोषण और POCSO का केस था. दोनों मामलों में वह बरी हो गया था. वह एक मजदूर है और कभी-कभी काम करता है.”

पुलिस ने बताया कि बच्ची गर्मी की छुट्टियों में अपने दादा-दादी से मिलने आई थी. जब वह खेल रही थी, तब उसे एक जानवरों के बाड़े में ले जाया गया. घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से कांबले की पहचान हुई और गांव वालों की मदद से उसे पकड़ लिया गया. आरोप है कि बाड़े में बच्ची के साथ यौन शोषण किया गया और फिर आरोपी ने पत्थर से उसका सिर कुचल दिया. उसका शव गोबर से ढका हुआ मिला.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जो गृह विभाग भी संभालते हैं, ने बच्ची के परिवार से बात की और उन्हें फास्ट ट्रैक ट्रायल का भरोसा दिया, साथ ही अदालत में फांसी की सज़ा की मांग करने की बात कही.

फडणवीस ने कहा, “यह एक निंदनीय और दुखद घटना है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. मैं हाई कोर्ट से अनुरोध करूंगा कि हमें एक स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर दिया जाए. हम अदालत में फांसी की सज़ा की मांग करेंगे.”

उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. जब नेता और कार्यकर्ता परिवार से मिलने पुणे पहुंचे, तो बच्ची के पिता ने उनसे दूर रहने की अपील की.

उन्होंने मीडिया से कहा, “बहुत लोग हमसे मिलने आ रहे हैं. मेरे परिवार की सिर्फ एक ही इच्छा है. जब तक मेरी बेटी को इंसाफ नहीं मिलता और उस दरिंदे को फांसी नहीं होती, मैं सभी नेताओं से विनम्र अनुरोध करता हूं कि वे हमसे मिलने न आएं.”

इस बीच विपक्षी पार्टियों ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा. पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने राज्य में शक्ति एक्ट लागू करने की मांग की.

यह कानून महा विकास अघाड़ी सरकार के दौरान पास हुआ था, जिसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों में फांसी की सजा का प्रावधान है. इसे अभी केंद्र सरकार की मंजूरी मिलनी बाकी है.

देशमुख ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह बहुत दुखद है कि महाराष्ट्र दिवस पर ऐसी शर्मनाक घटना हुई. ऐसी घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि क्या राज्य में कानून का डर अभी भी है.”

उन्होंने आगे कहा, “महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के बावजूद केंद्र और राज्य सरकार एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं. अगर शक्ति एक्ट लागू होता, तो नसरपुर मामले के आरोपी को 15 से 21 दिनों के अंदर फांसी दी जा सकती थी और इससे ऐसे अपराधों पर रोक लगती.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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