नई दिल्ली: सरकार ने सोमवार को कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पहले “विघटनकारी हमलों” की योजना को नाकाम करते हुए 14 राज्यों में 80 एफआईआर के सिलसिले में 250 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया. यह कार्रवाई आईएसआई समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ की गई.
गृह मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आईइडी, पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे सीसीटीवी कैमरों समेत बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया गया.
केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क को तबाह कर दिया और 200 से ज्यादा ऑपरेटरों को गिरफ्तार करके उसकी विघटनकारी हमलों की योजनाओं को नाकाम कर दिया. भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर एक साथ कार्रवाई करके इस नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ दिया. यह आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का शानदार उदाहरण है.”
एक सरकारी अधिकारी के अनुसार, इस कार्रवाई के सिलसिले में 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया. अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान से संचालित शहजाद भट्टी नेटवर्क को आईएसआई का समर्थन प्राप्त है. इस नेटवर्क का संबंध भारत में कई ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों के साथ-साथ टारगेट किलिंग से भी रहा है.
अधिकारी ने बताया कि यह नेटवर्क स्थानीय लोगों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करवाता था और जासूसी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाता था.
गृह मंत्रालय के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के आसपास होने वाली संभावित गड़बड़ी को रोकने के लिए 12 अगस्त को कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की गई. इसमें राज्य पुलिस बलों के साथ रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने वाली व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया.
बयान में कहा गया, “इससे 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया—उत्तर प्रदेश (62), हरियाणा (52), दिल्ली (51), पंजाब (44), राजस्थान (15), महाराष्ट्र (8), उत्तराखंड (5), कर्नाटक, गुजरात और बिहार (3-3), तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल (2-2). दिल्ली और कर्नाटक में नई एफआईआर भी दर्ज की गई हैं.”
बयान के अनुसार, अब तक यूएपीए, बीएनएस, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंसेज एक्ट के तहत कुल 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं.
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