स्कूल में छात्रों की प्रतीकात्मक फोटो । एएनआई
Text Size:

रायपुर : छत्तीसगढ़ में दसवीं और 12 वीं कक्षा के लिये सरकारी एवं निजी स्कूल सोमवार से 50 फीसदी उपस्थिति के साथ दोबारा खुलेंगे, हालांकि इसके लिये शर्त यह है कि संबंधित जिलों में कोविड संक्रमण दर पिछले सात दिन से एक प्रतिशत हो.

हालांकि, स्कूली छात्रों के अभिभावकों के राज्य स्तरीय निकाय ने इस कदम का विरोध किया है और कहा है कि सरकार को स्कूलों को दोबारा खोलने की अनुमति देने से पहले महामारी की संभावित तीसरी लहर को देखते हुये कुछ और समय इंतजार करना चाहिये था.

इस साल कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर मार्च में शुरू होने के बाद स्कूल एवं कॉलेज बंद कर दिये गये थे .

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हाल ही में हुयी कैबिनेट की बैठक के दौरान स्कूलों को खोले जाने के बारे में निर्णय किया गया.

स्कूली शिक्षा विभाग ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि दो अगस्त से प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में दसवीं और 12 वीं कक्षा की ऑफलाइन कक्षायें शुरू होंगी .

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

सरकार ने कुछ शर्तों के साथ कक्षा एक से पांच और कक्षा 8 के लिये स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दी है, लेकिन, छठी, सातवीं, नौवीं एवं 11 वीं कक्षा की प्रत्यक्ष कक्षायें तुरंत नहीं शुरू होंगी.

इसने कहा था कि छात्र एक दिन के अंतराल पर कक्षा में शामिल हो सकेंगे, लेकिन ऐसे छात्र जिन्हें कफ, सर्दी और बुखार की शिकायत होगी, उन्हें कक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी .

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

क्यों न्यूज़ मीडिया संकट में है और कैसे आप इसे संभाल सकते हैं

आप ये इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि आप अच्छी, समझदार और निष्पक्ष पत्रकारिता की कद्र करते हैं. इस विश्वास के लिए हमारा शुक्रिया.

आप ये भी जानते हैं कि न्यूज़ मीडिया के सामने एक अभूतपूर्व संकट आ खड़ा हुआ है. आप मीडिया में भारी सैलेरी कट और छटनी की खबरों से भी वाकिफ होंगे. मीडिया के चरमराने के पीछे कई कारण हैं. पर एक बड़ा कारण ये है कि अच्छे पाठक बढ़िया पत्रकारिता की ठीक कीमत नहीं समझ रहे हैं.

हमारे न्यूज़ रूम में योग्य रिपोर्टरों की कमी नहीं है. देश की एक सबसे अच्छी एडिटिंग और फैक्ट चैकिंग टीम हमारे पास है, साथ ही नामचीन न्यूज़ फोटोग्राफर और वीडियो पत्रकारों की टीम है. हमारी कोशिश है कि हम भारत के सबसे उम्दा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बनाएं. हम इस कोशिश में पुरज़ोर लगे हैं.

दिप्रिंट अच्छे पत्रकारों में विश्वास करता है. उनकी मेहनत का सही वेतन देता है. और आपने देखा होगा कि हम अपने पत्रकारों को कहानी तक पहुंचाने में जितना बन पड़े खर्च करने से नहीं हिचकते. इस सब पर बड़ा खर्च आता है. हमारे लिए इस अच्छी क्वॉलिटी की पत्रकारिता को जारी रखने का एक ही ज़रिया है– आप जैसे प्रबुद्ध पाठक इसे पढ़ने के लिए थोड़ा सा दिल खोलें और मामूली सा बटुआ भी.

अगर आपको लगता है कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें. आपका प्यार दिप्रिंट के भविष्य को तय करेगा.

शेखर गुप्ता

संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ

अभी सब्सक्राइब करें

VIEW COMMENTS