तिरुवनंतपुरम/कन्नूर, 27 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने एलडीएफ संयोजक ई.पी. जयराजन की भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात को लेकर शनिवार को माकपा से स्पष्टीकरण मांगा।
कांग्रेस ने पार्टी से कहा कि वह यह बताए कि जयराजन ने जावड़ेकर से मुलाकात क्यों की।
इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने पर अपनी शर्मिंदगी को छिपाने के लिए पार्टी की एक चाल है।
वरिष्ठ भाजपा नेता शोभा सुरेंद्रन ने दावा किया था कि एक बिचौलिए ने जयराजन की मदद करने की कोशिश की थी ‘‘जिन्होंने भाजपा में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की थी।’’
केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीसन ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री ने जयराजन और जावड़ेकर की मुलाकात का बचाव किया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने पूछा, ‘‘एलडीएफ संयोजक केरल के भाजपा प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर से क्यों मिलेंगे? दोनों के बीच क्या चर्चा हुई? क्या उन्होंने किसी व्यापारिक सौदे पर चर्चा की या यह कोई चुनावी सौदा है?’’
सतीसन ने यह भी कहा कि क्या जयराजन केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन के खिलाफ मामलों को निपटाने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री और भाजपा के बीच सेतु’’ के रूप में काम कर रहे हैं।
वहीं, एलडीएफ संयोजक के समर्थन में माकपा नेता एम.वी. जयराजन ने आज कहा कि यह विवाद कांग्रेस द्वारा इस तथ्य को छिपाने के लिए खड़ा किया गया कि उसके नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
एम.वी. जयराजन ने दावा किया, ‘‘कांग्रेस नेताओं का भाजपा में शामिल होना एक राष्ट्रीय घटनाक्रम है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष ने खुद कहा था कि वह भाजपा में शामिल होंगे। चुनाव से कुछ दिन पहले, खबर सामने आई थी कि केरल के कांग्रेस नेताओं का एक वर्ग भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार है। वे अपनी शर्मिंदगी छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
भाषा शफीक नेत्रपाल
नेत्रपाल
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