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Wednesday, 15 April, 2026
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अतीक अशरफ की हत्‍या पर विपक्ष ने सवाल उठाए, मंत्री ने कहा- यह आसमानी फैसला

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लखनऊ, 15 अप्रैल (भाषा) माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद तथा उनके भाई और पूर्व विधायक अशरफ की शनिवार रात हुई हत्या पर राजनीतिक दलों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आयी और राज्‍य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया। वहीं राज्‍य सरकार के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्‍ना ने इसे आसमानी फैसला बताया।

हत्या पर सपा अध्यक्ष और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘उत्तर प्रदेश में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसी की हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या ? इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है। ऐसा लगता है कि कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।’’

राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष व सांसद जयंत चौधरी ने भी अतीक और उसके भाई की हत्या की सनसनीखेज घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने ट्वीट किया ” क्या यह लोकतंत्र में संभव है ?” उन्होंने हैशटैग जंगलराज लगाया। चौधरी ने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें अतीक और अशरफ की हत्या का दृश्य है।

वहीं दूसरी तरफ उप्र सरकार के संसदीय कार्य व वित्त मंत्री सुरेश खन्‍ना ने पत्रकारों से कहा ” देखिए, जब जुल्म की इंतिहा होती है या जब अपराध की पराकाष्‍ठा होती है तो कुछ फैसले आसमान से होते हैं। ….और मैं समझता हूं कि यह कुदरत का फैसला है और इसमें कुछ कहने की आवश्यकता ही नहीं है। बाकी तो जब पूरी परिस्थिति सामने आएगी, तब हम कहेंगे।”

उन्होंने कहा ‘‘ जब जुल्म बढ़ता है तो कुदरत सक्रिय हो जाती है । वह अपने तरह से फैसला देती है और मैं समझता हूं कि सभी को इस आसमानी फैसले को स्वीकार कर लेना चाहिए।”

खन्ना से जब अखिलेश यादव के बयान को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार ने हर तरह से कोशिश की कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और योगी सरकार कानून-व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

उप्र सरकार के जलशक्ति मंत्री स्‍वतंत्र देव सिंह ने एक ट़वीट में कहा ‘‘पाप-पुण्य का हिसाब इसी जन्म में होता है।”

भाषा आनन्‍द मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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