नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि यहां लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन और मूलचंद अस्पताल के बीच एक पार्क में अवैध निर्माण और कचरे को हटाया जाए। अदालत ने पार्क पर बने अवैध अतिक्रमण को हटाने, कचरा साफ करने, चहारदीवारी बनाने और हरित पट्टी कायम रखने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दक्षिण दिल्ली नगर निगम, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को जवाब दाखिल करने को कहा।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन संघी और न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की एक पीठ ने कहा, “प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि हरित क्षेत्र से कचरा और अवैध निर्माण हटाने के लिए कदम उठाए जाएं और इस संबंध में रिपोर्ट दायर करें।” एसडीएमसी की ओर से पेश हुए वकील अजय दिगपॉल और कमल आर दिगपॉल ने कहा कि क्षेत्र को मेट्रो लाइन के निर्माण के लिए डीएमआरसी को दिया गया था।
इस पर डीएमआरसी के वकील ने कहा कि वह इस मुद्दे पर निर्देश लेकर अदालत को इसकी सूचना देंगे। लाजपत नगर-तीन के निवासियों की ओर से रेजिडेंट एसोसिएशन द्वारा याचिका दायर की गई थी जिसमें कहा गया था कि मुख्य रिंग रोड पर स्थित पार्क की स्थिति दयनीय है और यह असामाजिक तत्वों के पनपने की जगह बन गया है।
भाषा यश उमा
उमा
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.