scorecardresearch
Wednesday, 25 March, 2026
होमदेशकानून बनने के बाद तीन तलाक के मामलों में कमी आई है : शहजादी

कानून बनने के बाद तीन तलाक के मामलों में कमी आई है : शहजादी

Text Size:

भोपाल, सात मई (भाषा) राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य कुमारी सैयद शहजादी ने कहा कि तीन तलाक के खिलाफ कानून बनने के बाद देश में इसके मामले कम हुए हैं।

मध्यप्रदेश के दौरे पर आई शहजादी ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीन तलाक सहित कई अन्य मुद्दों पर उन्होंने मुस्लिम महिलाओं से बात की है। कानून बनने के बाद तीन तलाक ( तीन बार बोलकर तुरंत तलाक ) के मामले कम हुए हैं।’’

रामनवमी के जुलूस के बाद मध्यप्रदेश के खरगोन में हुए सांप्रदायिक दंगों के सवाल पर उन्होंने कहा कि आयोग ने इस बारे में प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

आयोग की गतिविधियों के जानकारी देते हुए शहजादी ने बताया कि यहां उन्होंने धार्मिक नेताओं, हज कमेटी, वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं की जमीनी स्तर पर समस्याओं जानने के लिए उनके साथ बैठक की है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अल्पसंख्यक वर्ग (मुस्लिम/जैन/बौद्ध/ सिख/ ईसाई/ पारसी) के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जागरूकता लाने के लिए समाज के लोगों को अपने-अपने धर्मस्थलों पर बैठकों के बाद इसकी जानकारी लोगों को देने के लिए कहा गया है है ताकि अधिक लोग इसका फायदा ले सकें।

उन्होंने कहा कि मस्जिदों में मौलवियों को मिलने वाले पांच हजार रुपए प्रतिमाह वेतन में वृद्धि करने तथा इस तरह का लाभ अल्पसंख्यक वर्ग के अन्य समुदाय के पुजारियों को देने की मांग सरकार के सामने रखी जाएगी।

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अल्पसंख्यक वर्ग की कुल 56 परियोजनाओं के लिए 511 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश में 1739 मान्यता प्राप्त मदरसों में 710 उर्दू शिक्षकों की भर्ती की गई है।

भाषा दिमो

रंजन

रंजन

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments