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Thursday, 30 May, 2024
होमशासनकर्नाटक के किंगमेकर रहे जनार्दन रेड्डी 600 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार

कर्नाटक के किंगमेकर रहे जनार्दन रेड्डी 600 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार

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खनन क्षेत्र के दिग्गज जनार्दन रेड्डी ने कर्नाटक में भाजपा की पहली सरकार बनाने में मदद की थी. उन्हें 600 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है.

बेंगलुुरु: कर्नाटक में खनन क्षेत्र के दिग्गज और वहां की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले जी जनार्दन रेड्डी को 600 करोड़ के धोखधड़ी के मामले में केंद्रीय अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ‘केंद्रीय अपराध शाखा ने जी जनार्दन रेड्डी को एंबीडेंट ग्रुप के कथित रिश्वतखोरी मामले में संबंध होने के चलते गिरफ्तार किया है.’

एजेंसी के मुताबिक, बेंगलुरु में केंद्रीय अपराध शाखा के एडिशनल सीपी आलोक कुमार ने कहा, ‘विश्वसनीय सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर हमने उन्हें गिरफ्तार करने का फैसला किया है. हम उन्हें अदालत में पेश करेंगे. हम गबन हुए पैसे को बरामद करके निवेशकों को वापस करेंगे.’ जनार्दन रेड्डी के करीबी रहे अली खान को भी गिरफ्तार किया गया है.

दिप्रिंट की संवाददाता रोहिणी स्वामी ने लिखा है कि जी जनार्दन रेड्डी हमेशा से विवादित बच्चे की तरह रहे हैं. इसमें कोई हैरत की बात नहीं है कि उनका नाम एक नये विवाद से जुड़ गया और वे 600 करोड़ के धोखाधड़ी के केस में​ गिरफ्तार हुए.

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उन्होंने लिखा है कि खनन क्षेत्र के दिग्गज और कर्नाटक के पूर्व मंत्री ने जो भी प्रतिष्ठा अर्जित की, वह हमेशा ही गलत कारण से मीडिया में बनीं सुर्खियां थीं. जब वे बीजेपी के साथ राजनीति में उतरे में तब भी यह जारी रहा.

अवैध खनन के आरोप में जेल जाने, चुनाव के पहले विरोधियों के निशाने पर आने और राजसी जीवनचर्या के चलते रडार पर आने के कारण उनकी पार्टी ने भी उनसे किनारा कर लिया. हालांकि, वे हमेशा गलत कदम उठाकर अपने को स्थापित करते रहे.

भाजपा के बेल्लारी लोकसभा सीट हार जाने से वे आलोचना झेल रहे थे. यह सीट 14 सालों से भाजपा के पास थी. वे पांच दिन से अपराध शाखा से बच रहे थे, अंतत: वे अपने को निर्दोष बताने के लिए पेश हुए. लेकिन अपराध शाखा का कहना है कि उनके पास पक्के सबूत हैं कि रेड्डी धोखाधड़ी केस में शामिल हैं.

रेड्डी ने दावा किया कि वे निर्दोष हैं

अपराध शाखा का आरोप है कि रेड्डी ने सईद अहमद फरीद से 57 किलो सोना लिया. फरीद इस केस में खुद आरोपी है. रेड्डी ने फरीद को वादा किया था कि वे धोखाधड़ी केस में फरीद के खिलाफ चल रही प्रवर्तन निदेशालय की जांच से उनको बचा लेंगे.

पहले उन्होंने नाटकीय ढंग से एक वीडियो जारी करके बताया कि वे भाग नहीं रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेरे वकील ने मुझसे कहा कि मीडिया में आ रही खबरों से घबराने की जरूरत नहीं है. उनकी सलाह थी कि अगर हमें नोटिस भेजा जाता है तभी मैं पुलिस के सामने पेश होउं. अब मुझे नोटिस मिल गया है तो मैं पूछताछ के लिए जा रहा हूं और जांच में पूरा सहयोग करूंगा.’

अपराध शाखा के दफ्तर में अपने वकील के साथ पेश हुए रेड्डी ने दावा किया कि वे निर्दोष हैं. उन्होंने दावा किया कि ‘पुलिस मीडिया में गलत बातें फैला रही है. मुझे फंसाया जा रहा है लेकिन मैं अपने को निर्दोष साबित करूंगा.’

आपराधिक साजिश के आरोप तय

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, कर्नाटक के खनन कारोबारी गली जनार्दन रेड्डी को कथित तौर पर करोड़ों रुपये के एक पोंजी योजना के आरोपियों का बचाव करने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया है. उनपर आपराधिक साजिश के आरोप तय किए गए हैं.

केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने रेड्डी पर एक पिता व पुत्र को बचाने का आरोप लगाया है. ये पिता, पुत्र 954 करोड़ रुपये की पोंजी योजना में आरोपी हैं. इस पोंजी योजना की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कथित धन शोधन को लेकर जांच कर रहा है.

रेड्डी की गिरफ्तारी पोंजी मामले में सीसीबी कार्यालय के एक सम्मन के जवाब में शनिवार को पेश होने के एक दिन बाद की गई. रेड्डी से शनिवार को सीसीबी अधिकारियों ने पूछताछ की थी.

सीसीबी ने रेड्डी के सहयोगी अली खान को भी गिरफ्तार किया है, जो आरोपी सैयद अहमद फरीद व उसके बेटे सैयद अफाक अहमद के साथ कथित तौर पर 18 करोड़ रुपये के सौदे में फंसा है.

आरोपी सैयद अहमद फरीद व उसका बेटा सैयद अफाक अहमद, एम्बिडेंट मार्केटिंग लिमिटेड नामक कंपनी चलाते हैं. इस कंपनी ने पोंजी योजना के जरिए 15,000 निवेशकों के साथ ठगी की है.

(इस खबर में एजेंसी का इनपुट प्रकाशन के कुछ घंटे बाद जोड़ा गया है.)

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