नई दिल्ली: निखिल नौ अक्टूबर की पूरी रात नहीं सोए. वह अगले दिन कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए ‘सेव डेमोक्रेसी’ प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पहुंचने का रास्ता तलाश रहे थे.
निखिल दूसरी बार प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे. पिछली बार उन्होंने जून और जुलाई में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर डेढ़ महीने तक धरना दिया था.
पूरी रात निखिल इंटरनेट पर रास्ते तलाशते रहे और जंतर-मंतर पहुंचने के लिए रास्ते खोजने में AI ऐप्स का भी इस्तेमाल किया.

लेकिन उनकी सारी कोशिश बेकार हो गई, क्योंकि पुलिस के साथ CAPF और CRPF ने प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा कर रखी थी.
निखिल ने दिप्रिंट से कहा, “पिछली बार बहुत ज्यादा छूट थी. इस बार डर लग रहा है. मैं अभी भी प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने का रास्ता तलाश रहा हूं.”
‘देश की स्थिति ने मुझे जगा दिया’
निखिल ने वसंत कुंज से बंगला साहिब तक कैब ली. वहां से उन्होंने पैदल पूरी आउटर सर्कल रोड पार की और कनॉट प्लेस होते हुए जनपथ रोड पहुंचे. लेकिन वहां उन्हें तीन स्तर के बैरिकेड और हजारों सुरक्षाकर्मी रास्ता रोकते मिले.
उन्होंने कहा, “मैं अभी भी प्रदर्शन करने के मामले में बिल्कुल नया हूं.”
किसान प्रदर्शनों और उसके बाद CJP के प्रदर्शनों ने निखिल को एक ऐसे व्यक्ति में बदल दिया है, जो पहले खुद को राजनीति से अलग मानता था, लेकिन अब अपने अधिकारों की बात करने और उनके लिए सामने आने से नहीं डरता.
वह मुस्कुराते हुए प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने का रास्ता तलाशते हुए आगे बढ़ते हैं और कहते हैं, “मैं लंबे समय तक खुद को राजनीति से अलग मानता था, लेकिन पिछले दो-तीन साल में देश की स्थिति ने मुझे जगा दिया.”

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था. पार्टी ने चुनावी सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और इससे पहले कई तरह की पाबंदियां लगा दीं. इनमें सड़कों पर बैरिकेड लगाना और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में आवाजाही सीमित करना शामिल था. अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल के आसपास ट्रैफिक डायवर्जन और कुछ समय के लिए मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदियों का भी ऐलान किया.
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके और पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचने वाली उनकी फ्लाइट के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सुबह-सुबह हिरासत में ले लिया गया. प्रदर्शन में शामिल होने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी उनके गुरुग्राम स्थित घर से हिरासत में लिया गया.
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