नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने रविवार को नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि लाखों छात्रों का भविष्य अनिश्चितता में है.
एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा, “जब लाखों युवा सड़कों पर हैं और 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है, तब प्रधानमंत्री चुप हैं. यह सरकार जवाब देने पर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से बचने पर ध्यान दे रही है.”
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और परीक्षा पेपर लीक दोबारा न हो, इसके लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की बात कही.
गांधी ने कहा, “जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और नीट जैसे पेपर लीक रोकने के लिए पूरी तरह सुरक्षित व्यवस्था नहीं बनाई जाती, हम नहीं रुकेंगे.”
नीट पेपर लीक मुद्दे पर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. विपक्षी दल परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांग रहे हैं.
इस बीच, कांग्रेस ने रविवार को इस मुद्दे पर केंद्र पर हमला और तेज कर दिया. पार्टी ने मोदी सरकार पर छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखने में विफल रहने और “पेपर लीक माफिया” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.
एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों का भविष्य अंधेरे में डाल दिया है.
पार्टी ने कहा, “मोदी सरकार में पेपर लीक माफिया फल-फूल रहा है, जबकि जिम्मेदार लोग खामोश दर्शक बने हुए हैं.”
पार्टी ने कहा, “हैदराबाद में @nsui के अध्यक्ष @VinodJakharINji के नेतृत्व में एनएसयूआई साथियों ने पैदल मार्च निकाला और युवा विरोधी मोदी सरकार को कड़ा संदेश दिया. छात्रों के भविष्य से इस तरह छेड़छाड़ को हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.”
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहराई और कथित पेपर लीक मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
वहीं, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के सदस्यों ने रविवार को हैदराबाद में कथित नीट पेपर लीक मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और नीट परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (21 मई) को नीट यूजी पेपर लीक को लेकर यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया.
एक्स पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, पार्टी नहीं रुकेगी.
राजस्थान में हुए एक प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए गांधी ने बीजेपी की राज्य सरकार पर प्रदर्शनकारियों पर “लाठियां बरसाने” का आरोप लगाया.
प्रधानमंत्री मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ टॉफी बांटने पर तंज कसते हुए गांधी ने एक्स पर लिखा, “जब मोदी जी इटली में टॉफियां बांटते हुए रील बना रहे थे, तब भारत में पेपर लीक से परेशान युवा न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे थे. क्योंकि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया है. कई बच्चों ने अपनी जान तक गंवा दी. और मोदी जी ने न जिम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, और न ही एक शब्द कहा.”
पोस्ट में आगे कहा गया, “अब जब छात्र, एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ता न्याय की आवाज उठा रहे हैं, तब बीजेपी की राज्य सरकारें उन पर लाठियां बरसा रही हैं. जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब डंडों से देती है, वह जवाबदेही से नहीं, डर से चलती है. लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं. जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और देश में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत और सुरक्षित व्यवस्था नहीं बनती, हम नहीं रुकेंगे. यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने छीन लिया है.”
इस बीच, नीट परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, जो हालिया पेपर लीक से और बढ़ गई हैं, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह संसद की एक समिति के सामने पेश हुए. उन्होंने नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत जानकारी दी.
शिक्षा सचिव विनीत जोशी भी इस बैठक में मौजूद थे. चर्चा आज सुबह 11 बजे शुरू हुई और करीब पांच घंटे तक चली.
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