नई दिल्ली: भारतीय सेना के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, जो पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) थे, को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) का नया सैन्य सलाहकार (Military Adviser) नियुक्त किया गया है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के नेतृत्व वाले NSCS में इस पद पर नियुक्त होने वाले वह पहले सेवारत अधिकारी हैं.
इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल एम.यू. नायर को सेवानिवृत्ति से एक वर्ष पहले NSCS में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक नियुक्त किया गया था. दिसंबर 2027 तक कार्यकाल रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल घई जल्द ही नई जिम्मेदारी संभालेंगे. उन्हें इस सप्ताह की शुरुआत में इस पद पर नियुक्त किया गया.
उनसे पहले जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, जो अब नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) हैं, सैन्य सलाहकार थे. उनसे पहले एयर मार्शल संदीप सिंह और उनसे पहले जनरल अनिल चौहान इस पद पर रह चुके हैं.
लेफ्टिनेंट जनरल विनोद खंडारे नरेंद्र मोदी सरकार में NSCS के पहले सैन्य सलाहकार थे. यह पद 2018 में फिर से शुरू किया गया था. 2011 के अंत में सेवानिवृत्त हुए लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश मेनन को 2012 में सैन्य सलाहकार नियुक्त किया गया था और उन्होंने 2014 तक इस पद पर काम किया. बाद में मार्च 2015 से 2017 तक उन्हें NSCS में विशेष कार्य अधिकारी (OSD) नियुक्त किया गया था और वे अजीत डोभाल को रिपोर्ट करते थे.
लेफ्टिनेंट जनरल घई सेना कमांडर बन सकते थे, लेकिन उनके पास सेना कमांडर बनने के लिए आवश्यक वरिष्ठता क्रम और शेष सेवा अवधि नहीं थी. इसलिए कोर की कमान संभालने के बाद वे DGMO बने और फिर सेना के उप प्रमुख नियुक्त किए गए.
कुमाऊं रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल घई ने पश्चिमी सेक्टर में एक इन्फैंट्री बटालियन, मध्य सेक्टर में एक स्वतंत्र ब्रिगेड की कमान संभाली. श्रीनगर स्थित 15 कोर का नेतृत्व करने से पहले वे अरुणाचल प्रदेश में 56वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) भी रहे.
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