यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत और चीन के बीच हालिया उच्च-स्तरीय बातचीत के बाद रिश्तों में कुछ सकारात्मक संकेत दिख रहे थे. भारत कई बार साफ कर चुका है कि अरुणाचल प्रदेश उसका अभिन्न और अटूट हिस्सा है.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.