लवलीना को मुक्केबाजी में उनके बहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें 2020 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया और यह अवॉर्ड जीतने वाली वे असम की छठी हस्ती बनीं.
शहरी भारत आज जातिवाद खत्म होने के दौर में नहीं है, बल्कि ऐसा दौर है जहां लोग जातिवाद मानना नहीं चाहते. वे ऊंच-नीच के फायदे तो चाहते हैं, लेकिन इसे मानने में शर्म महसूस करते हैं.