असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
मुंबई से 350 km दूर, सौंदला ने जाति को ‘सिर्फ़ कागज़ पर’ रखने का फ़ैसला किया है, गालियों पर रोक लगाई है, विधवाओं की दोबारा शादी का समर्थन किया है और स्टूडेंट्स के लिए 2 घंटे का नो-मोबाइल विंडो शुरू किया है.