इसी कड़ी में राज्य ने भूमि अभिलेखों के स्वचालित म्यूटेशन की ऐतिहासिक शुरुआत की, जिससे छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना जहां जमीन पंजीयन के साथ ही स्वामित्व का हस्तांतरण स्वतः हो जाता है.
इससे वाराणसी के होटल व्यवसाय, टैक्सी–ऑटो चालकों, गाइड्स, हस्तशिल्प विक्रेताओं, रेस्टोरेंट और ट्रैवल एजेंसियों की आमदनी में बड़ा इजाफा होगा. यात्रा का समय करीब 2 घंटे 40 मिनट घटने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और ठहराव की अवधि बढ़ेगी, जिससे स्थानीय कारोबार को लाभ होगा.
यह पहला अवसर होगा जब मंदिर के सातों शिखर भगवा ध्वज से सुशोभित होंगे. जैसे ही रामलला की दृष्टि मंदिर के ऊपर फहराते ध्वज पर पड़ेगी, यह दृश्य करोड़ों श्रद्धालुओं की स्मृति में सदा के लिए अमिट हो जाएगा.
इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.