हनुमानगढ़ी मार्ग पर श्री गायत्री भोग प्रसाद भंडार चलाने वाले जितेंद्र कुमार गुप्ता बताते हैं कि पहले उनका रोज़ का कारोबार 3,000 रुपये के आसपास रहता था.
मुख्यमंत्री ने जल-संरक्षण के लिए काम कर रहे अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा: “आज प्यासा कुएं के पास नहीं आया है, कुआं प्यासे के पास आया है. सरकार पंचायतों की हर जरूरत पूरी करेगी.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है. इससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और आत्मनिर्भर भारत के मिशन को मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का लक्ष्य उन्हीं योजनाओं और निवेशों के जरिए पूरा होगा.
अस्पताल उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें स्वास्थ्य, कृषि और बाल कल्याण सेवाओं को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किए गए.
एलजी ने जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को दोहराते हुए कहा कि आतंकवादियों, उनके समर्थकों और युवाओं को भड़काने की कोशिश करने वाले OGWs के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की जाए.
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सरकार तो 5 वर्षों के लिए चुनी जाती है, लेकिन उद्योगपति और निवेशक भरोसे के आधार पर राज्य में आते हैं. इसलिए राज्य सरकार को उद्योगों के विकास के लिए आगामी 25 वर्षों तक प्रतिबद्ध रहना होगा.
महोत्सव में मुख्यमंत्री ने कई प्रकाशनों और योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों का विमोचन भी किया, जिनमें कॉफी टेबल बुक Journey of Dignity, उच्च जोखिम गर्भावस्था हेल्पलाइन, हेलमेट बैंक और सुपोषित विकास चार्ट शामिल हैं.
इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.