राज्य के मंत्रियों ने कहा कि वे एक मई से टीकाकरण अभियान के अगले चरण के लिये तैयार हैं लेकिन निर्माताओं ने उन्हें टीके की खुराकें उपलब्ध कराने में अक्षमता प्रकट की है.
यादव ने अपने ट्वीट में लिखा 'कोरोना के भयावह काल में जब उत्तर प्रदेश और देश दवाओं एवं ऑक्सीजन तक के लिए तड़प रहा है, कालाबाजारी की खबरें सरकार की नाकामी का प्रतीक हैं.'
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष संशोधित नागरिकता कानून और नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में प्रमुख चेहरा रही हैं. वह इसी कोयला क्षेत्र की रहने वाली हैं.
यादव ने सवाल किया कि ऑक्सीजन के अभाव में भर्ती न हो पाने से जो मर गए उन सबकी अस्वाभाविक मौत के लिए किसी डीएम-एसपी पर मुख्यमंत्री ने कार्रवाई क्यों नहीं की.
सीएम केजरीवाल द्वारा पीएम की बैठक में हाथ जोड़कर लगाई गई गुहार को सरकारी सूत्रों ने राजनीति का नया रूप बताया और कहा कि केजरीवाल ने ऑक्सीजन को एयर लिफ्ट करने का मुद्दा उठाया, लेकिन क्या वह नहीं जानते कि यह पहले से ही किया जा रहा है.
इस चरण में 43 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है. इनमें उत्तर 24 परगना जिले की 17 सीटों के अलावा नादिया और उत्तर दिनाजपुर की नौ-नौ तथा पूर्ब बर्द्धमान की आठ सीटें शामिल हैं.
प्रियंका ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आपके पास 7 से 8 महीने का वक्त था, जानकारों ने दूसरी लहर के बारे में सचेत भी किया था लेकिन केंद्र सरकार की उदासीनता की वजह से कोरोना संक्रमण का फैलाव इतनी तेजी से देश में हो रहा है.
उन्होंने कहा कि अब जब पानी सिर से ऊपर बह रहा तो हज हाउस सरोजनीनगर, अवध शिल्प ग्राम और कैंसर अस्पताल को कोविड-19 सेंटर बनाया जा रहा है. इनका निर्माण भी समाजवादी सरकार में ही हुआ था.
अवामी लीग को अभी इस सवाल का जवाब नहीं चाहिए कि हसीना के बाद कौन होगा या यह बहस कि हसीना को बांग्लादेश लौटना चाहिए या नहीं, बल्कि ज़मीन पर नया नेतृत्व चाहिए.