राहुल गांधी के नेतृत्व पर पिछले साल कांग्रेस के अंदर ही कई लोगों ने सवाल उठाए थे. चुनावी हार उनके पार्टी अध्यक्ष का पद संभालने को लेकर जारी विरोध को और तेज ही करेगी.
पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे ने साबित कर दिया कि राजनीतिक कौशल और लड़ने का माद्दा रखने वाले क्षेत्रीय नेता के आगे न तो मोदी की लोकप्रियता कारगर हो सकती है, न शाह की कथित ‘चाणक्य नीति’.
भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 40.7 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, और राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 18 पर जीत हासिल की थी. दूसरी ओर सत्ताधारी टीएमसी को 43.3 प्रतिशत वोट मिले थे.
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में बड़ी बढ़त बना ली है लेकिल नंदीग्राम सीट से उनकी हार की बात सामने आई तो मुख्यमंत्री ने कहा 'नंदीग्राम की चिंता मत करो लोगों ने जो भी जनादेश दिया है मैं उसे स्वीकार करती हूं.'
अवामी लीग को अभी इस सवाल का जवाब नहीं चाहिए कि हसीना के बाद कौन होगा या यह बहस कि हसीना को बांग्लादेश लौटना चाहिए या नहीं, बल्कि ज़मीन पर नया नेतृत्व चाहिए.