मणिपुर मसला उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को लेकर भाजपा की ‘जिउ-जित्सु’ मार्का राजनीति का इस्तेमाल करते हुए शासन चलाने की एक अनूठी मिसाल है. वहां वह जो काम कर रही है उससे हालात सुधरे नहीं बल्कि और बिगड़े ही हैं लेकिन यह पार्टी यह काम जारी रखने पर आमादा है
गठबंधन सरकार के अस्तित्व में आने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की लोकप्रियता रेटिंग के बीच अंतर कम होने के साथ, कांग्रेस को जल्दबाज़ी में नीतिगत घोषणाएं न करने के बारे में विलियम हेग की बात सुननी चाहिए.
छोटा-सा सबक यह है कि आप इंदिरा गांधी के मुंह में तो कोई भी शब्द डाल करके बच सकते हैं, लेकिन भिंडरावाले की मौत के 40 साल बाद भी आपने उसके साथ ऐसा कुछ किया तो मुश्किल में पड़ जाएंगे.
ऐसा लगता है कि सीरीज़ से जुड़े किसी भी व्यक्ति को इस बात का अंदाज़ा नहीं है कि खुफिया एजेंसियां या भारत सरकार कैसे काम करती हैं. यहां तक कि अखबारों के दफ्तरों भी इस बात को नहीं जानते.
इस आंदोलन का असर भारत के खासकर उत्तर-पूर्वी राज्यों पर पड़ सकता है. यह असर सीमा पार न करे और एक तीसरा मोर्च न खुल जाए, इसके लिए भारत को हालात पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है
हाइड्रेशन का सिर्फ़ यह मतलब नहीं है कि आप अपनी त्वचा पर क्या लगाते हैं - यह इस पर भी निर्भर करता है कि आप क्या खाते हैं. ओमेगा-3, 6 और 9 फैटी एसिड आपकी त्वचा के सबसे अच्छे दोस्त हैं.
बांग्लादेश ने शेख हसीना और अवामी लीग को खारिज कर दिया तो क्या उसके जवाब में हम बांग्लादेश को ही खारिज कर देंगे? हम अपने पड़ोसी नहीं चुन सकते, लेकिन हम खुद कैसे पड़ोसी बनें यह फैसला तो कर ही सकते हैं.
असंतोष बढ़ने के साथ ही अहम सवाल यह है कि प्रधानमंत्री क्या सोच रहे हैं? वे एक चतुर राजनीतिज्ञ हैं, इसलिए उनके पास दीर्घकालिक रणनीति होनी चाहिए. लेकिन कोई भी यह नहीं समझ पा रहा है कि वह क्या है.