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Sunday, 1 March, 2026
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UPSC, LBSNAA आदि उम्दा काम कर रहे हैं, उन्हें कॉर्पोरेट की ज़रूरत नहीं है मूर्ति साहब!

आपने मुद्दे की बात की है. सरकार नियमित कर्मचारियों की जगह कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को छुट्टी आदि के प्रावधानों के साथ बहाली करके लागत काफी घटा सकती है, लेकिन क्या हम चुनावों, जनगणना, राहत तथा आपदा प्रबंधन के काम को ठेके पर करवा सकते हैं.

महाराष्ट्र के नतीजों का स्पष्ट संदेश — जनता समृद्धि चाहती है, पापाजी की जागीर नहीं

यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के वर्षों के कुशासन और खोखले वादों ने पार्टी को चुनावों में एक दंतहीन बाघ बना दिया है.

महाराष्ट्र, झारखंड के नतीजे दिखाते हैं भारत में चुनाव टेनिस मैच जैसे होते हैं : कार्ति चिदंबरम

भारतीय राजनीति का भविष्य अब राज्य-केंद्रित समीकरणों के मुताबिक, खुद को ढालने और मतदाताओं के साथ निरंतर करीबी संपर्क बनाए रखने की राजनीतिक दलों की क्षमता पर निर्भर करेगा.

राहुल गांधी को कदम पीछे कर लेने चाहिए, प्रियंका को कमान सौंपने के उनके पास चार बड़े कारण हैं

महाराष्ट्र और झारखंड के चुनावों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राहुल गांधी महत्वाकांक्षी भारत की कल्पना को नहीं जगा सकते.

वंशवाद का पतन, फडणवीस का उदय, आम चुनाव के झटकों से उबरी भाजपा; महाराष्ट्र, झारखंड और उपचुनावों के सबक

हेमंत सोरेन भी बड़े विजेता साबित हुए, लेकिन बड़े सवाल कांग्रेस से पूछे जाएंगे और नकारात्मक नतीजा यह है कि रेवड़ी बांटने का फॉर्मूला मजबूती से उभरा है.

अमेरिका ने लगाया अभियोग, बाज़ार ने सुनाया दंड, यह नुकसान अडाणी को लंबे वक्त तक सताएगा

सेबी नए सिरे से जांच शुरू कर सकता है; संसद हंगामे से शुरू होगी और विदेशी पूंजी अडाणी के लिए दुर्लभ हो जाएगी यानी इस बार नुकसान गहरा और दूरगामी होगा.

मणिपुर में निर्णायक कदम उठाने से भाजपा को क्या रोक रहा है? चुनावी उदासीनता

केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार मणिपुर में डबल इंजन वाली सरकार होने का दावा करती है, लेकिन उसने राज्य या देश को यह भरोसा दिलाने के लिए कुछ नहीं किया है कि मणिपुर महत्वपूर्ण है.

तीसरे दर्जे के नेताओं और उदासीन नागरिकों की वजह से दिल्ली का प्रदूषण शहर को समाप्त कर देगा

दिल्ली सरकार मानती है कि निर्माण कार्य रोकने और वाहनों की आवाजाही कम करने से प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है, लेकिन ये सब खून से लथपथ घावों पर जल्दबाजी में की गई मरहम पट्टी के सिवा कुछ नहीं है.

खालिद एकमात्र ऐसे पाकिस्तानी थे जिनके तर्क कश्मीर के सवाल पर नहीं अटकते थे

खालिद अहमद संपादक, लेखक, भाषाविद, अखबार के दफ्तर के रहनुमा, एक सच्चे और दुर्लभ सेकुलर अनीश्वरवादी और शायद नास्तिक शख्स थे और मेरे कई मुस्लिम मित्रों में निश्चित रूप से अकेले ऐसे शख्स थे और वह कोई वामपंथी भी नहीं थे, दूर-दूर तक नहीं.

भारत को पूर्णकालिक गृह मंत्री की ज़रूरत, कृपया अब कठपुतली भाजपा अध्यक्ष मत बनाइए

अमित शाह 24x7 काम करने वाले व्यक्ति हैं. बहरहाल, वे भी इंसान हैं. मणिपुर या अन्य जगहों पर हुई चूकों को इसी से समझा जा सकता है.

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तालिबान, TTP और बलूच चुनौती: रणनीतिक भूल की कीमत, पाकिस्तान दो तरफ से घिरा

पाकिस्तान का सियासी नेतृत्व कमजोर और कमअक्ल दिखता है. उसकी कूटनीति पूरी तरह भारत-चीन-अमेरिका केंद्रित है और वह अफगानिस्तान को अपना गुलाम मानता रहा है.

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पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के कारण 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करेंगी एयरलाइंस

नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों के कारण भारतीय एयरलाइन...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.