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Monday, 2 February, 2026
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जेएनयू की छवि खराब करके बीजेपी को क्या मिला

बीजेपी ने जेएनयू की छवि एक ऐसे संस्थान की बना दी है, जहां राष्ट्रविरोधी-हिंदूविरोधी-नक्सली ताकतों का नियंत्रण है और देश को जेएनयू से मुक्ति सिर्फ बीजेपी दिला सकती है. लेकिन क्या जेएनयू दरअसल ऐसा ही है?

राष्ट्र की अंतरात्मा को जगाना तो वाकई जरूरी है प्रधानमंत्री जी

प्रधानमंत्री की राजनीति के आईने में देखें तो, सिंहासन की खातिर भाइयों को मारने की घटनाएं इतिहास का सच हैं, तो आज भी सत्ता की खातिर फूट डालने का कुछ कम काम नहीं हो रहा.

हरियाणा सरकार ने इस तरह दिया 18 महीनों के भीतर 45,000 लोगों को रोज़गार

मनोहर लाल खट्टर सरकार ने खास कर ग्रुप-डी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को सुचारू बनाने की पहलकदमी की है. परिणास्वरूप 15 वर्षों से खाली पड़े पदों को भरना संभव हुआ है.

पटरी से उतर रही है गंगा की लड़ाई, सभी कर रहे हैं पद्मावती की हिम्मत टूटने का इंतजार

गंगा आंदोलन का गढ़ बने मातृ सदन में इस बार साध्वी पद्मावती अनशन पर बैठी हैं. 15 दिसंबर से प्रारंभ उनके अनशन को एक माह से ज्यादा हो गया लेकिन अब तक जलशक्ति मंत्रालय ने पद्मावती से कोई संवाद नहीं किया.

वह लफ्ज़ जिससे अमित शाह और नरेंद्र मोदी के समर्थकों को नफ़रत है

यह लफ्ज आज़ादी ही भारत की नींव का पत्थर है लेकिन विडंबना यह है कि जब आप जेएनयू या मुंबई में इस लफ्ज का उच्चारण करते हैं तो आपको देशद्रोही बताया जाता है.

क्या धर्म परिवर्तन करने वाले दलितों को संविधान प्रदत्त अनुसूचित जातियों में शामिल करना चाहिए

संविधान के 103वें संशोधन के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिये 10 फीसदी आरक्षण के दायरे में ऐसे लोग आयेंगे जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सामाजिक तथा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षण की योजना के दायरे में नहीं हैं.

गोदी मीडिया, भाजपा और मोदी सरकार नागरिकों की हर राय को राजनीतिक तराज़ू पर तौलना चाहती है

दुनिया भर के राजनीतिक विशेषज्ञों का यह मानना है कि किसी भी सफल लोकतंत्र में नागरिक समाज और नागरिक अधिकारों का मजबूत होना सबसे ज्यादा जरूरी है.

दिल्ली का प्रोफेसर जिसने मकबरों और मस्जिदों को सिर्फ ‘मुस्लिम’ नहीं, बल्कि ‘भारतीय मुस्लिम’ करार दिया था

भारतीय वास्तुशिल्प को हिंदू, बौद्ध, ब्रितानी शाही और इस्लामी घोषित करने के चक्कर में इमारतों की चकित करने और चौंकाने की क्षमता का ह्रास हुआ है.

स्वामी विवेकानंद को युवा पीढ़ी की क्षमता और परिवर्तनकारी शक्ति में बहुत विश्वास था

स्वामी विवेकानंद ने लोगों को सशक्त बनाने के लिए प्राथमिक साधन के रूप में शिक्षा पर बहुत जोर दिया.

नवदीप सैनी के लिए अब संघर्ष को कामयाबी में बदलने का वक्त आ गया है

नवदीप सैनी के करियर में गौतम गंभीर का बड़ा योगदान है. उन्होंने ही सबसे पहले नवदीप सैनी की मदद की थी. इससे पहले वो हरियाणा में छोटी-छोटी रकम के लिए मैच खेला करते थे.

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लखनऊ, दो फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 30 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अपने किराए के फ्लैट में मृत पाया गया। पुलिस ने सोमवार...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.