राष्ट्र निर्माण को ध्यान में रखते हुए नेहरू ने सभी मतभेदों को अलग रख तीन राजनीतिक विरोधियों को पहली कैबिनेट में शामिल किया था. क्या मोदी ऐसा कोई संदेश देंगे?
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया पर न्यायपालिका और न्यायाधीशों के बारे में पोस्ट की गयी आपत्तिजनक टिप्पणियों का संज्ञान लेते हुये एक सांसद और एक पूर्व विधायक सहित कम से कम 49 व्यक्तियों को न्यायालय की अवमानना के नोटिस दिये हैं.
कोविड-19 ने आईटी क्रांति का जाप करने वाले इस देश का डिजिटल डिवाइड उजागर कर दिया है. संकट के इस दौर में देश का एजुकेशन सेक्टर इस असमानता का सबसे बड़ा उदाहरण बन कर उभरा है.
भारत की लगभग आधी आबादी के पास स्मार्टफोन नहीं है. ऐसे लोगों में महिलाओं और वंचित जातियों की संख्या ज्यादा है. ऑनलाइन शिक्षा का प्रोजेक्ट इन सबको नुकसान पहुंचाएगा.
भारत के मेहनतकश मगर निरंतर संकटग्रस्त किसान के लिए न्यूनतम आय का विचार लागू करना संभव लगता है, लेकिन तभी जब तमाम सबसीडियां और मूल्य समर्थन कार्यक्रम खत्म कर दिए जाएं.
लोगों के मूड को देखते हुए लगता है कि बीजेपी 2024 में तीसरी बार चुनाव जीत लेगी. ऐसा संभव नहीं लगता कि फिलहाल जो बढ़त उसे हासिल है, पार्टी उसे गंवा देगी.
चीन लद्दाख में जो कुछ कर रहा है उससे भारत को हैरान होने की जरूरत नहीं थी, बल्कि उससे इसी की उम्मीद करनी चाहिए थी, खासकर तब जबकि भारत ने जम्मू-कश्मीर का दर्जा बदल दिया है.
बाबा साहेब की हमेशा कामना रही है कि ब्राह्मणों में समाज सुधारक पैदा हों, क्योंकि एनिहिलेशन ऑफ कास्ट किताब में वे मानते हैं कि वही समाज को दिशा दिखाने का काम करते हैं.
भारत-चीन सीमा विवाद को कूटनीतिक कक्षों में एक नया मानचित्र तैयार कर हल किया जा सकता है. इसके लिए शी को अतीत के साये से निकलना होगा, जबकि भारत को राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाने की ज़रूरत होगी.