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Saturday, 28 February, 2026
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जवाहरलाल नेहरू से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या सीखना चाह सकते हैं

राष्ट्र निर्माण को ध्यान में रखते हुए नेहरू ने सभी मतभेदों को अलग रख तीन राजनीतिक विरोधियों को पहली कैबिनेट में शामिल किया था. क्या मोदी ऐसा कोई संदेश देंगे?

सोशल मीडिया पर जजों को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करने वालों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू, आंध्र हाई कोर्ट ने 49 लोगों को भेजा...

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया पर न्यायपालिका और न्यायाधीशों के बारे में पोस्ट की गयी आपत्तिजनक टिप्पणियों का संज्ञान लेते हुये एक सांसद और एक पूर्व विधायक सहित कम से कम 49 व्यक्तियों को न्यायालय की अवमानना के नोटिस दिये हैं.

ऑनलाइन शिक्षा तो ठीक है लेकिन इंटरनेट कनेक्टिविटी के अभाव में बच्चे कैसे करेंगे पढ़ाई

कोविड-19 ने आईटी क्रांति का जाप करने वाले इस देश का डिजिटल डिवाइड उजागर कर दिया है. संकट के इस दौर में देश का एजुकेशन सेक्टर इस असमानता का सबसे बड़ा उदाहरण बन कर उभरा है.

वैश्विक आपदा के बहाने ऑनलाइन उच्च शिक्षा देश के गरीब और ग्रामीण वर्ग के बीच असमानता की खाई को और बढ़ाएगी

भारत की लगभग आधी आबादी के पास स्मार्टफोन नहीं है. ऐसे लोगों में महिलाओं और वंचित जातियों की संख्या ज्यादा है. ऑनलाइन शिक्षा का प्रोजेक्ट इन सबको नुकसान पहुंचाएगा.

अगर मोदी सरकार भारत में कृषि सुधार करना चाहती है तो ये मूलभूत होने चाहिए, ना कि सतही

भारत के मेहनतकश मगर निरंतर संकटग्रस्त किसान के लिए न्यूनतम आय का विचार लागू करना संभव लगता है, लेकिन तभी जब तमाम सबसीडियां और मूल्य समर्थन कार्यक्रम खत्म कर दिए जाएं.

6 साल हो गए, कोई इंकम्बेंसी नहीं- सर्वेक्षणों ने कोविड से निपटने में मोदी को दूसरे विश्व नेताओं से आगे बताया

लोगों के मूड को देखते हुए लगता है कि बीजेपी 2024 में तीसरी बार चुनाव जीत लेगी. ऐसा संभव नहीं लगता कि फिलहाल जो बढ़त उसे हासिल है, पार्टी उसे गंवा देगी.

मोदी-शाह को 5 अगस्त 2019 को ही अनुमान लगा लेना चाहिए था कि चीन लद्दाख में कुछ करेगा, इसमें कोई रहस्य नहीं था

चीन लद्दाख में जो कुछ कर रहा है उससे भारत को हैरान होने की जरूरत नहीं थी, बल्कि उससे इसी की उम्मीद करनी चाहिए थी, खासकर तब जबकि भारत ने जम्मू-कश्मीर का दर्जा बदल दिया है.

हिंदी पत्रकारिता दिवस: भारतीय भाषाई पत्रकारिता की प्रतिरोध की शानदार परंपरा का उदाहरण था उर्दू में निकलने वाला ‘स्वराज’

उर्दू में छपने वाले ‘स्वराज’ के आठों सम्पादकों में से कोई भी मुसलमान नहीं था और न ही उसके सोच में हिन्दू-मुस्लिम जैसा कोई बंटवारा था.

बाबा साहब क्यों चाहते थे कि ब्राह्मण अपने अंदर वोल्टेयर पैदा करें

बाबा साहेब की हमेशा कामना रही है कि ब्राह्मणों में समाज सुधारक पैदा हों, क्योंकि एनिहिलेशन ऑफ कास्ट किताब में वे मानते हैं कि वही समाज को दिशा दिखाने का काम करते हैं.

चीन का उदय ‘इतना शांतिपूर्ण नहीं’ इसलिए भारत को सतर्क रहना होगा

भारत-चीन सीमा विवाद को कूटनीतिक कक्षों में एक नया मानचित्र तैयार कर हल किया जा सकता है. इसके लिए शी को अतीत के साये से निकलना होगा, जबकि भारत को राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाने की ज़रूरत होगी.

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तालिबान, TTP और बलूच चुनौती: रणनीतिक भूल की कीमत, पाकिस्तान दो तरफ से घिरा

पाकिस्तान का सियासी नेतृत्व कमजोर और कमअक्ल दिखता है. उसकी कूटनीति पूरी तरह भारत-चीन-अमेरिका केंद्रित है और वह अफगानिस्तान को अपना गुलाम मानता रहा है.

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एईआरबी ने कैगा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाई 5 और 6 के लिए कंक्रीट की पहली ढलाई को मंजूरी दी

मुंबई, 28 फरवरी (भाषा) परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने शनिवार को में कहा कि उसने कैगा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाई 5 और...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.